चौथी तिमाही में अडानी इंटरप्राइजेज के रूप में 137% का जुड़ गया, गौतम अडानी फिर अलग हो गए
अडानी एंटरप्राइजेज Q4 परिणाम: अदानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी इंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही जनवरी से मार्च के लिए पत्र का ऐलान किया है। और इस तिमाही में कंपनी के डेटाबेस में 137.5 प्रतिशत का उछाल आया। 31 मार्च 2023 को खत्म तिमाही में अडानी एंटरप्राइजेज का 722.48 करोड़ रुपये रहा है जो पिछले वित्त वर्ष के समान तिमाही में 304.32 करोड़ रुपये रहा था।
अडानी इंटरप्राइजेज ने अकाउंट के लिए डिविडेंड का भी एलान किया है। कंपनी के बोर्ड ने 120 प्रतिशत या 1.20 रुपये वैसे ही देने का फैसला किया। कंपनी के शेयर का फेस वेल्यू एक रुपये है. कंपनी का रेवेन्यू 26.06 प्रतिशत के उछाल के साथ 31,346.05 करोड़ रुपये रहा है जबकि पिछले साल की तिमाही में 24,865.52 करोड़ रुपये रहा था। वहीं 2022-23 वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध रूप 207.4 प्रतिशत के हिसाब से 2421.6 करोड़ रुपये रहा है जबकि 2021-22 में 787.7 करोड़ रुपये रहा था।
अडानी इंटरप्राइजेज के कोल ट्रेडिंग बिजनेस में 42 प्रतिशत का उछाल आया है। कंपनी का कहना है कि इस साल भीषण गर्मी के कारण अनुमान के कारण बिजली की खपत बढ़ने की संभावना जा रही थी। इसके चलते पावर प्लांट्स ने समझौते का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया। जिसका फ़ायदा अडानी इंटरप्राइजेज को मिला है।
इसके अलावा बोर्ड की बैठक में अडानी इंटरप्राइजेज ने समूह के कार्यभार गौतम अडानी को फिर से अगले पांच साल के लिए कार्यकारी नियुक्तियां कर दी हैं। आज बाजार बंद होने पर अडानी इंटरप्राइज का शेयर 3.93 इंच के साथ 1911 रुपये पर बंद हुआ है।
बीती तिमाही अडानी इंटरप्राइजेज के लिए इंट्रीमेक्लेटमेंट-क्लैक्शन भर रहा है। चौथी तिमाही में अडानी इंटरप्राइजेज को हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के चलते 20000 करोड़ रुपये के एफपीओ को टालना पड़ा। इसी तिमाही में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते अदानी ग्रुप के शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई थी। अदानी इंटरप्रेज का शेयर 4190 रुपये के स्तर से 1017 रुपये तक नीचे जा गिरा था।
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