शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: शहर की सरकार आज संभालेगी कार्यभार… कसौटी पर होंगे वादे, चुनौतियां भी कम नहीं

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City government will take charge today, promises will be tested, challenges are no less

लाला इमली चौराहे से घंटाघर जाने वाली बीच रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। संवाद

शाहजहांपुर। शहर की सरकार शुक्रवार को कामकाज संभाल लेगी। पहली महापौर के रूप में शपथ लेने जा रहीं अर्चना वर्मा के वादे तो कसौटी पर होंगे ही, उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। जनता का मानना है कि भले ही शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा मिल गया हो लेकिन मूलभूत सुविधाएं नगर पालिका के स्तर से ऊपर नहीं उठ सकीं हैं।

कूड़ा प्रबंधन, मनोरंजन के साधन, सड़क, अतिक्रमण, जाम, स्वच्छ जलापूर्ति आदि सहूलियतें और सुविधाएं अब भी दोयम स्तर की हैं। नगर निगम बनने से बढ़े टैक्स की मार जनता को अलग झेलनी पड़ रही है। ऐसे में अफसरशाही से समन्वय कर जनता को राहत पहुंचाना आसान न होगा। हालांकि प्रदेश में भाजपा सरकार होने से जनता कोई बहाना सुनने को भी तैयार नहीं है।

कूड़ा प्रबंधन सबसे कठिन समस्या

शहर से निकलने वाले करीब कूड़े का निस्तारण महापौर के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की कवायद परवान नहीं चढ़ रही। कभी सफाईकर्मी कूड़ा उठाने नहीं आता तो कभी असमय आने से कूड़ा नहीं उठ पाता। गलियों में कूड़ेदान टूट गए हैं। यही वजह है कि सड़क पर कूड़ा बिखरा रहता है। इकलौते एमआरएफ सेंटर पर कूड़ा निस्तारित नहीं हो पाता। बंका घाट पर अब भी कूड़े के पहाड़ लगे हुए हैं।

अतिक्रमण और जाम से चलना दुश्वार

शहर में अतिक्रमण के कारण बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल है। बहादुरगंज, चौक, सदर बाजार में सड़क तक दुकानदारों का कब्जा बना रहता है। नगर निगम सिर्फ चेतावनी देने तक सीमित रहता है और यही वजह है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर दुकानदार भी गंभीर नहीं नजर आते हैं। खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपना वाहन रोड पर खड़ा कर देते हैं जो जाम बढ़ाने का सबब बनते हैं। इसके अलावा 41 करोड़ की लागत से आईटीएमए के तहत शहर के 13 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। इनमें से अधिसंख्य अब भी शुरू नहीं हो सके हैं।

खोदाई के चलते सड़कों की हुई दुर्दशा

शाहजहांपुर शहर पिछले करीब दो साल से सीवर लाइन डालने के लिए की गई खोदाई का दर्द झेल रहा है। मुख्य सड़कों के अलावा गलियां तक खोद कर डाल दी गईं लेकिन मरम्मत नहीं की गई। वर्तमान में हालत यह है कि शहर की किसी सड़क पर बगैर धूल-मिट्टी फांके वाहन चालक का गुजरना मुश्किल है। खोदी गई सड़कों के कारण दिनभर लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं। सीवर लाइन का काम अभी छह महीने और चलेगा। ऐसे में खोदाई के बाद तत्काल सड़क की मरम्मत और पानी का छिड़काव होने की उम्मीद लोगों को है।

शहर में मनोरंजन के साधन बदहाल

शहीद उद्यान को छोड़ दिया जाए तो नगर निगम के शेष सभी पार्कों की स्थिति बदहाल है। शहीद उद्यान के हालात भी बहुत अच्छे नहीं है। नगर निगम ने 15 पार्कों को समाजसेवियों को गोद दिया था लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत यह है कि शाम को टहलने के लिए पार्क जाने वाले लोग गंदगी से परेशान हो जाते हैं। पार्कों के झूले टूटे पड़े हैं। नगर निगम ने सेल्फी प्वाइंट बनवाने के साथ ही बेंचे भी डलवाईं थी लेकिन सेल्फी प्वाइंट बदहाल हो गए। बेंचे टूट गईं। शहर में परिवार के साथ घूमने के लिए कोई जगह नहीं बची है।

कई गुनी हुई टैक्स की मार

शाहजहांपुर को जब नगर पालिका से नगर निगम का दर्जा मिला तो शहरी खुश थे कि अब सुविधाओं में इजाफा होगा। सुविधाएं तो वैसी ही रहीं लेकिन टैक्स की मार कई गुना बढ़ गई। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के वक्त तो टैक्स साधारण था लेकिन अब कई गुना बढ़ चुका है। इस पर व्यापार संगठन भी अक्सर नाराजगी जताते रहते हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का टैक्स बहुत बढ़ा है। नगर निगम की स्वकर निर्धारण योजना भी लोगों को रास नहीं आई है।

नई महापौर का वादा, हर मुद्दा होगा हल

नई महापौर अर्चना वर्मा ने बताया कि वह हर समस्या का हल जल्द से जल्द निकालने का प्रयास करेंगी। कूड़ा प्रबंधन के विषय में उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर अधिक जोर दिया जाएगा। स्वच्छ जलापूर्ति के लिए सरकारी नलों की बोरिंग बढ़ाई जाएगी। सभी ओवरहेड टैंक की सफाई कराई जाएगी। पार्कों की दशा सुधारने के लिए कॉलोनियों की सोसाइटी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की आय बढ़ाने में टैक्स बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन ध्यान रखा जाएगा कि जनता पर इसका ज्यादा दबाव न पड़े। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी कि वह सड़कों की हालत ठीक करे।

नई महापौर के दावे

– स्वच्छता रैंकिंग में शाहजहांपुर को नंबर वन बनाया जाएगा।

– महिलाओं के लिए बाजार में शौचालयों का निर्माण होगा। इन्हें स्वच्छ भी रखा जाएगा।

बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सीवर लाइन का काम जल्द पूरा कराया जाएगा।

– अमृत योजना से पानी के ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं, जिसे शुरू कराना प्राथमिकता होगी।

– बगैर भेदभाव के संपूर्ण शहर का विकास होगा।

लाला इमली चौराहे से घंटाघर जाने वाली बीच रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। संवाद

लाला इमली चौराहे से घंटाघर जाने वाली बीच रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। संवाद

लाला इमली चौराहे से घंटाघर जाने वाली बीच रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। संवाद

लाला इमली चौराहे से घंटाघर जाने वाली बीच रोड पर कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। संवाद


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