माहौल ऐसा कि पर्दे में रहें बहन-बेटियां तो अच्छा: अहसन मियां
बरेली। सुन्नी बरेलवी मसलक के बड़े रहनुमा ताजुश्शरिया के कुल की रस्म से पहले दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने पैगाम जारी करते हुए कहा कि पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा है। हम अपनी बहन-बेटियाें को पर्दे में रहने की सीख दें। माहौल ऐसा है कि बहन-बेटियां पर्दे में रहें तो अच्छा है।
सज्जादानशीन ने कहा कि बहन-बेटियों की अच्छी शिक्षा खुद की निगरानी में कराएं। आज के माहौल को देखते हुए जब बच्चों की उम्र शादी के लायक हो जाए तो अच्छा घराना देखकर उनकी कर दें, ताकि वह कोई गलत कदम न उठा सकें। उन्होंने समाज से दहेज जैसी सामाजिक बुराई का बहिष्कार करने की बात कही। संदेश दिया कि दहेज की जगह बेटियों को विरासत में हिस्सा दें। बच्चों को गलत कदम उठाने से रोकें।
शनिवार को कुल की रस्म अदायगी मथुरापुरा स्थित मदरसा जमीयतुर रजा और सौदागरान में आला हजरत दरगाह स्थित मदरसा मंजूर इस्लाम में हुई। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि शाम चार बजे महफिल का आगाज कारी रिजवान रजा ने तिलावत-ए-कुरान से किया। इसके बाद देश भर के उलेमा की तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ। सभी ने अपने अंदाज में ताजुश्शरिया को खिराज पेश किया। मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि अपने दौर में हक की सबसे मजबूत आवाज का नाम ताजुश्शरिया है। मुफ्ती अय्यूब नूरी ने कहा कि दुनिया में ताजुश्शरिया को जो शोहरत हासिल हुई वो उनके इल्म की बुनियाद पर। कारी अब्दुर्रहमान कादरी ने शायराना अंदाज में खिराज पेश किया। मुफ्ती आकिल रजवी ने ताजुश्शरिया की मजहबी व इल्मी खिदमात पर रोशनी डाली।



