Pilibhit: सिपाही ने विषैला पदार्थ खाकर दी जान, परिजन बोले- संभल तबादला न हो पाने से कई दिनों से थे तनाव में

मृतक का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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डायल 112 में तैनात सिपाही रजनीश कुमार यादव का शव रविवार रात उनके किराये के कमरे में चारपाई पर पड़ा मिला। परिजन का कहना है कि रजनीश संभल में तबादला कराना चाह रहे थे। तबादला न हो पाने के कारण काफी मानसिक तनाव में चल रहे थे।
बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव मोहकमपुर के रहने वाले रजनीश कुमार यादव (48) शहर में नकटादाना चौराहे के पास कमरा किराये पर लेकर अकेले रहते थे। पत्नी सुमेघा गांव की प्रधान हैं। सुमेघा के भाई यज प्रकाश आर्य शहर के ही पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। यज्ञ प्रकाश ने बताया कि उनके बहनोई लगभग ढाई साल से यहां तैनात थे। मौजूदा समय में उनका पुलिस लाइन में प्रशिक्षण चल रहा था। बहन सुमेघा ने यज्ञ प्रकाश को बताया कि रविवार रात लगभग साढ़े आठ बजे उनकी रजनीश से बात हुई थी। इसके बाद जब उन्होंने रात में लगभग डेढ़ बजे फोन किया तो फोन नहीं उठा। कई बार फोन करने के बाद भी रजनीश का फोन नहीं उठा तो सुमेघा ने भाई यज्ञ प्रकाश को फोन करके कमरे पर जाकर देखने के लिए कहा।
रात करीब दो बजे जब कमरे में पहुंचे तो देखा रजनीश कमरे में चारपाई पर बेसुध पड़े हुए है। इसके बाद वह उन्हें अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पत्नी और रिश्तेदार भी पीलीभीत पहुंच गए। परिवार वालों का कहना है कि रजनीश संभल जिले में तबादला लेना चाहते थे जिससे घर के पास पहुंच सके। इसको लेकर उन्होंने अभी हाल ही में डीआईजी से मुलाकात भी की थी। सिपाही के चार बच्चे हैं। इनमें विभु और वियोम जुड़वा (15) वर्ष और प्रज्ञा (25), प्रियांशी (21) वर्ष की है।
एक माह पूर्व ही तय हुई है बड़ी बेटी की शादी
परिवार वालों ने बताया कि रजनीश लगभग एक माह पूर्व छुट्टी पर घर आए थे। इस दौरान बड़ी बेटी प्रज्ञा जो कि डॉक्टर है, उसकी गाजियाबाद के रहने वाले एक परिवार में शादी भी तय हो गई थी। लड़का विदेश में रहकर नौकरी करता है। इसको लेकर घर में खुशी का भी माहौल था।