Pilibhit News: जन्म लेते ही तीसरी बेटी को बिस्तर पर फेंका, चली गई जान
पीड़ित महिला की मां ने पुलिस को दी शिकायत, अस्पताल का खर्च देने के आश्वासन पर समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर (पीलीभीत)। पूरी दुनिया जब बच्चों की परवरिश और उनकी तरक्की के लिए खुशियों की कुर्बानी देने वाले माता-पिता के सम्मान में विश्व माता-पिता दिवस मनाने की तैयारी कर रही थी, तब पीलीभीत के पूरनपुर में एक पिता तीसरी बेटी होने पर उसकी मौत का कारण बन गया। आरोप है कि दो बेटियों के बाद तीसरी बेटी के जन्म लेने पर पत्नी की अस्पताल से छुट्टी कराए बगैर घर चला गया। दोबारा बुलाया गया तो बीमार नवजात का इलाज न कराकर उसे बिस्तर पर फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पूरनपुर देहात के मोहल्ला खानकाह निवासी शख्स की पत्नी ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी गांव सिरसा निवासी युवक से की थी। शादी के बाद बेटी के दो बेटियां हुईं। इस पर दामाद और उसके बहन-बहनोई अक्सर ताना देते। विरोध करने पर पीटते। तीसरी बार गर्भवती हुई बेटी की एक सप्ताह पहले भी उसके पति ने पिटाई की। प्रसव पीड़ा होने पर एक दिन पहले नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आपरेशन से उसने तीसरी बेटी काे जन्म दिया। नवजात कमजोर और बीमार थी। आरोप है कि तीसरी बेटी के जन्म लेते ही दामाद पत्नी को अस्पताल में छोड़कर घर चला गया। अस्पताल की ओर से उसे दोबारा बुलाया गया। पत्नी ने इलाज कराने की बात कही तो युवक ने बच्ची को उठाकर बिस्तर पर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्ची की मौत तो हुई है, लेकिन घटना के समय अस्पताल का कोई शख्स सामने नहीं था। इसलिए फेंकने की बात स्पष्ट नहीं है।
पीड़ित महिला की शिकायत पर इंस्पेक्टर उमेश कुमार ने आराेपी को कोतवाली तलब किया। उसने नवजात की बीमारी से मौत होने की जानकारी पुलिस को दी। बताया कि उसके माता-पिता व कोई भाई नहीं हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत तो हुई है, लेकिन मामला प्रसव के बाद अस्पताल का हिसाब न करने का है। वह बच्ची की मौत के बाद बिना हिसाब किए पत्नी को अस्पताल में ही छोड़कर चला गया था। बाद में इलाज का खर्च देने का आश्वासन दिया। इस पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।