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Pilibhit News: फ्लाईओवर निर्माण में पावर कारपोरेशन ने डाला अड़ंगा

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Power Corporation obstructed the construction of flyover

असम चौराहे पर चल रहा काम। संवाद

सुपरविजन शुल्क और जीएसटी के भुगतान का पेच, चार महीने से रुका पड़ा है निर्माण

2.5 प्रतिशत के हिसाब से एनएचएआई कर चुका है 2.80 लाख रुपये का भुगतान

17 लाख रुपये का अभी भी करना एनएचएआई को जीएसटी के रूप में जमा

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। असम चौराहे पर फ्लाईओवर के निर्माण में पावर कारपोरेशन ने अड़ंगा लगा दिया है। पेच सुपरविजन शुल्क और जीएसटी के भुगतान का है जिसको लेकर चार महीने से काम ठप है। आलम यह है कि अधूरे निर्माण और उड़ती धूल के चलते चौराहे से आवागमन न के बराबर हो रहा है।

करीब आठ माह पहले असम चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण की कवायद शुरू हुई थी। सबसे पहले अतिक्रमण का मामला उठा जिसे सुलझाने में दो महीने लग गए। अतिक्रमण हटाया गया तो बिजली की लाइन और पोल बाधा बन गए। इनको हटाने के लिए कागजी कार्यवाही शुरू हुई जिसमें पावर कारपोरेशन ने अपने अफसरों की निगरानी में लाइनें और खंभे हटवाने के लिए जीएसटी और सुपरविजन शुल्क अदा करने के लिए एनएचएआई से कहा। 17 लाख रुपये जीएसटी और 5 फीसदी के हिसाब से 5.6 लाख रुपये सुपरविजन शुल्क के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हुई जिसमें से एनएचएआई 2.5 फीसदी के हिसाब से सुपरविजन शुल्क अदा कर चुकी है। वहीं जीएसटी का भुगतान अभी बाकी है।

पावर कारपोरेशन पूर्ण भुगतान के बाद ही लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू करना चाहता है जबकि एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। पावर कारपोरेशन को लाइनें शिफ्ट करनी चाहिए जिससे अटका निर्माण कार्य शुरू हो सके।

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लाइन न हट पाने से दुकानदारों को भी हो रही दिक्कत

फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से एक तरफ एप्रोच रोड को कच्चा बना दिया गया है। दूसरी ओर काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। कारण है कि वहीं पर बिजली के पोल लगे हैं और ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। अधूरा काम होने के कारण नाला भी अधूरा पड़ा है। नाले के पीछे दुकानें हैं। ऐसे में दुकानों तक आना किसी खतरे से कम नहीं है। कई बार कहने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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क्या कहते हैं विभागों के जिम्मेदार

एनएचएआई की ओर से जीएसटी का रुपया जमा नहीं किया गया था। करीब 17 लाख रुपया जमा करना है। सुपरविजन के नाम पर पांच प्रतिशत के अनुसार जमा करना है। इसमें 2.50 प्रतिशत के हिसाब से राशि जमा की गई है। जीएसटी का रुपया जमा होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

– जानेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, पॉवर कारपोरेशन

एमडी के आदेश आने के बाद 2.50 प्रतिशत के अनुसार रुपये जमा कर दिया गया। आगे की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही गतिरोध दूर हो जाएगा।

– शशांक भार्गव, अधिशासी अभियंता एनएचएआई


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