Budaun News: न कब्जे हटे, न ही शुरू हो सकी अरिल नदी की खोदाई

आसफपुर के पास नाली के रूप में दिखाई देती सूखी पड़ी अरिल नदी। संवाद
बदायूं। जिले के पांच ब्लॉक क्षेत्रों से होकर गुजर रही अरिल नदी अवैध कब्जों से सिमटकर रह गई है। कहीं-कहीं इतना कब्जा कर लिया गया है कि इसका मूल स्वरूप ही पता नहीं चल रहा। वहां केवल यह एक नाली जैसी दिखती है। इसकी खोदाई का काम भी शुरू नहीं हो सका है।ताकि बारिश में इसकी सेहत सुधर सकती। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अरिल नदी संभल से प्रारंभ होकर बरेली-बदायूं जिले से गुजरती हुई रामगंगा नदी में जाकर मिल जाती है। बरेली और बदायूं जिले में इसकी लंबाई 137 किलोमीटर है। इसके प्राकृतिक स्रोत लंबे समय से बंद हैं। अधिकतर स्थानों पर नदी सूख चुकी है। कहीं-कहीं नाले का पानी आने से नदी में पानी है। अन्यथा इस नदी का सबसे बुरा हाल है।
अरिल नदी संभल से आसफपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव किशनपुर, पहाड़पुर, राजटिकौली, आसफपुर, कलरावाला, बिजौरी होते हुए बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र और बिसौली इलाके से होते हुए सालारपुर, दातागंज और समरेर ब्लॉक क्षेत्र से निकल रही है। आसफपुर इलाके में कई जगह पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं।
बताते हैं कि छह माह पहले आसफपुर इलाके में इसमें खोदाई का काम शुरू कराया गया था। संभल और बरेली जिले में खोदाई हो चुकी है। कुछ जगह बदायूं जिले में भी खोदाई हुई है लेकिन खोदाई का कार्य पूरा नहीं हुआ। अगर अरिल नदी में खोदाई के साथ-साथ अवैध कब्जे हटवाए जाएं तो इसको फिर से जीवनदान मिल सकता है।
आसफपुर इलाके में टूटी है पुलिया
अरिल नदी के ऊपर से गुजर रही आसफपुर इलाके की पुलिया काफी समय से टूटी हुई है। काफी समय से इसकी मरम्मत की मांग की जा रही है। बावजूद इसके अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बरसात के दिनों में इस पुलिया से गुजरना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है। क्योंकि बरसात के दिनों में पानी इसके ऊपर से निकलने लगता है। पुलिस की मरम्मत से क्षेत्र के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
अरिल नदी के रास्ते की खोदाई हुई है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन इससे संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात की जाएगी, तभी इसके संबंध में कुछ बताया जा सकता है।
– राकेश कुमार पटेल, एडीएम वित्त एवं राजस्व

आसफपुर के पास नाली के रूप में दिखाई देती सूखी पड़ी अरिल नदी। संवाद



