Budaun News: न पीएं पाउच पैक पानी… बीमार कर देगी यह नादानी
बदायूं। भीषण गर्मी से सूख रहे गले को तर करने के लिए हर कोई ठंडा पानी तलाशता है। बोतलबंद पानी महंगा होने के कारण लोग पाउच पैक पानी खरीद लेते हैं। पानी की लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए दुकानदार भी पाउच पैक पानी का खूब स्टॉक किए हैं। हालांकि इसके मानक और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
चिलचिलाती गर्मी में बोतल और पाउच में पैक पानी को ठंडा करने के लिए दुकानदार बर्फ का प्रयोग करते हैं। संक्रामक बीमारी की प्रमुख वजह प्रदूषित जल और इससे बनने वाली बर्फ पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। इसकी इन दिनों मांग ज्यादा है। खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग भी जानता है कि प्रदूषित पानी का उपयोग करके ही बर्फ बनाया जा रहा है। यही पानी पाउचों में पैक करके बेचा जा रहा है। इन पर निर्माण व अवसान की तिथि के अलावा बैच नंबर तक नहीं दर्ज होता है। दो-तीन रुपये में बिकने वाले पानी के पाउच लोगों को प्यास बुझाने के नाम पर बीमारियां परोस रहे हैं। गांव, कस्बा और शहरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पानी के पाउचों की बिक्री की जा रही है।
यह हैं आरओ प्लांट के नियम
आरओ वाटर प्लांट लगाने के लिए जिला उद्योग केंद्र में पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फूड कॉरपोरेशन से एनओसी की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही संचालक को शपथपत्र देना होता है कि जिस स्थान पर प्लांट का संचालन होगा, वह सुरक्षित जोन में हैं। पानी को री-चार्ज और ठंडा करने की व्यवस्था भी होनी आवश्यक है। इन मानकों को पूरा करने के बाद भूगर्भ विभाग से एनओसी लेनी होती हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही प्लांट का संचालन किया जा सकता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सीधे मशीनें लगाकर कारोबार चालू कर दिया जाता है।
वर्जन
-इस संबंध में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी इसको दिखवाया जाएगा। कहां-कहां इसका उत्पादन हो रहा, उसको दिखवाया जाएगा।
– चंद्रशेखर मिश्र, सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय)



