बदायूं

Budaun News: खुदकुशी करने कछला घाट पहुंची महिला, तीन बेटियों को गंगा में फेंका

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Woman reached Kachla Ghat to commit suicide, threw three daughters into the Ganges

बछला गंगा घाट पर अपनी तीन बेटियों के साथ मौजूद महिला। संवाद

कछला (बदायूं)। बदायूं शहर की विजयनगर कॉलोनी में मायके से बरेली की एक महिला रविवार दोपहर अपनी तीन बेटियों के साथ कछला घाट पर आत्महत्या करने पहुंच गई। तीनों बेटियों को एक-एक कर महिला ने गंगा में फेंक दिया। वह खुद भी छलांग लगाने वाली थी, लेकिन वहां मौजूद गोताखोरों ने उसे बचा लिया। साथ ही तीनों बच्चियों को भी सकुशल बचा लिया। महिला ने पति पर उत्पीड़न, मारपीट आदि के आरोप लगाए हैं। वहीं, उसके पति ने उसे मानसिक रूप से कमजोर बताया है।

40 वर्षीय विमला पत्नी अरविंद कश्यप बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र में मोहल्ला मढ़ीनाथ के वंशीनगला की रहने वाली है। रविवार दोपहर करीब दो बजे वह बेटी शगुन (9), निहारिका (6) और कात्यायनी (2) के साथ कछला के गंगा घाट जा पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला काफी देर तक गंगा किनारे बैठी रही। फिर उसने अचानक उठकर अपनी बेटियों को एक-एक करके गंगा में फेंकना शुरू कर दिया।

यह देखकर आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक महिला तीनों बेटियों को गंगा में फेंक चुकी थी। इसके बाद काफी लोग उसकी ओर दौड़ पड़े। गोताखोर भी नाव लेकर आ गए। महिला भी गंगा में कूदने जा रही थी। तब तक गोताखोर सोनू, राजकुमार, मदन और सुदीश आदि ने उसे कूदने से बचा लिया। तभी कुछ गोताखोर नदी में कूद गए और उन्होंने कुछ ही देर में तीनों बच्चियों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

सूचना पर कछला पुलिस चौकी के कर्मचारी पहुंच गए। उनके पूछने पर महिला ने बताया कि उसका पति आए दिन शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता है। उसे नशे के इंजेक्शन लगाता है। इससे तंग आकर वह यहां आत्महत्या करने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके पति अरविंद को भी बुला लिया। अरविंद ने बताया कि विमला की मानसिक हालत ठीक नहीं है। वह कई दिन से उसे परेशान कर रही है। पुलिस ने महिला और तीनों बच्चियों को अरविंद को सौंप दिया है। वह उन्हें लेकर बरेली चला गया।

पति बोला- एक सप्ताह से परेशान कर रही है विमला

अरविंद के मुताबिक करीब एक सप्ताह से विमला उसे परेशान कर रही है। वह बेटियों को बुरी तरह पीटती है। उन्हें खाना तक नहीं देती है। मोहल्ले वालों को भी गाली देती है। वह शनिवार को उसे एक डॉक्टर के पास ले गया था, लेकिन तब तक डॉक्टर चले गए थे। विमला का मायका बदायूं की विजयनगर काॅलोनी में है। जब वह ज्यादा परेशान हो गया तो शनिवार को विमला और तीनों बच्चियों को बदायूं छोड़ आया। रविवार दोपहर उसे पता चला तो वह ऑटो लेकर यहां आया।

किराये का ऑटो चलाता है अरविंद

अरविंद किराये का ऑटो चलाता है। अरविंद ने बताया कि मोहल्ले में उसका भी अपना घर था, लेकिन छोटे भाई की बीमारी में काफी रुपये खर्च हो गए थे। इस वजह से उसे अपना घर बेचना पड़ा। उसका छोटा भाई भी नहीं बचा। अब वह किराये के मकान में रहता है और किराये पर ऑटो लेकर चलाता है।


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