Budaun News: कोरोना का असर, गिर गया इंटरमीडिएट का रिजल्ट
कोरोना काल में नहीं हुई परीक्षा, इंटर के बच्चों ने पहली बार दी बोर्ड परीक्षा
इंटर में पिछले साल के मुकाबले 07.76 प्रतिशत गिरा रिजल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। यूपी बोर्ड के पिछले पांच सालों के इतिहास पर नजर डाले तो जिले में हाईस्कूल में पास होने वालों के प्रतिशत में लगातार इजाफा होता जा रहा है। यही हाल इंटर का भी था लेकिन इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया है। गत वर्षों की अपेक्षा इस बार 07.76 प्रतिशत रिजल्ट गिरा है। इसमें पिछले कोरोना काल का भी असर माना जा रहा है।
जिले में 2019 में हाईस्कूल में 82.15 और इंटर में 80.38 प्रतिशत रहा था। इसके बाद में 2020 में परीक्षार्थियों की बेहतर मेहनत का नजीता यह हुआ कि हाईस्कूल में 85.57 प्रतिशत रिजल्ट रहा, जबकि इंटर का 81.08 प्रतिशत हुआ। कोविड की वजह से 2021 में परीक्षाएं नहीं हो सकी थी, जिसकी वजह से छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत किया गया।
इसके बाद 2022 में आए रिजल्ट में हाईस्कूल में 85.65 प्रतिशत और इंटर की 84.87 प्रतिशत रिजल्ट रहा। वहीं 2023 में हाईस्कूल का रिजल्ट 2022 की तुलना 04.32 प्रतिशत ज्यादा बेहतर रहते हुए 89.97 प्रतिशत रहा, जबकि इंटर का रिजल्ट 2022 की तुलना में 07.76 प्रतिशत गिर गया और 77.11 प्रतिशत पर आकर रुका।
पहली बोर्ड की परीक्षा के रूप में छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल की परीक्षा देनी होती है। उसके बाद में इंटर बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। ऐसे में इंटर पास करने वाले छात्र-छात्राओं का प्रतिशत लगातार बढ़ता है, क्योंकि छात्र-छात्राएं एक बोर्ड परीक्षा का सामना कर चुके होते हैं और उनके मन से बोर्ड का खौफ निकल चुका होता है, लेकिन इस बार इंटर की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं ने पहली बार बोर्ड परीक्षा दी थी, क्योंकि हाईस्कूल परीक्षा के दौरान कोविड काल होने की वजह से परीक्षा नहीं हो सकी थी। ऐसे में ये भी रिजल्ट का प्रतिशत गिरने का एक कारण माना जा रहा है।
इंनसेट
सररस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेजों के छात्र-छात्राएं ज्यादा हुए पास
मंगलवार को यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी हुआ। इस बार के रिजल्ट में खास बात ये थी कि सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेजों से अधिकांश छात्र-छात्राएं टॉप लिस्ट में नजर आए। हाईस्कूल की जिला टॉपटेन की सूची में सात और इंटरमीडिएट में पांच छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई है।