Shahjahanpur News: घरों में जानवर पालें…पर सावधानी जरूर बरतें
शाहजहांपुर। जानवरों को पालने के शौकीन लोगों को विशेष जागरूक होने की जरूरत है। जानवरों को घर में पाले लेकिन सावधानी जरूर बरतें। मनुष्यों और जानवरों के बीच संक्रमण होने से जूनोटिक रोग होने की संभावना रहता है। इसमें सबसे अधिक रैबीज के होने की संभावना रहती है।
अधिकतर घरों में कुत्ता, बिल्ली पाले जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुत्ता, बंदर आदि के काटने पर रैबीज का संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। इनके काटने से लार (स्लाइवा) इंसान के अंदर पहुंचने से रैबीज जा सकता है। इसके अतिरिक्त रैबीज संक्रमित जानवर की लार घाव आदि से शरीर में जाने से बीमारी पनप सकती है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जय सिंह के अनुसार, पशुपालकों को खुद जागरूक होने की आवश्यकता है। पशुओं की लार आदि के संपर्क में आने से बचें। यदि जानवर काट लेता है तो टीकाकरण अवश्य कराएं। पशुपालकों को अपना नियमित टीकाकरण भी कराते रहते चाहिए।
समय से कराएं उपचार, नहीं तो जा सकती जान
रैबीज से संक्रमित कुत्ता या बंदर के काटने पर अपना उपचार समय से कराएं। समय से इलाज मिलने पर जान बचने की संभावना रहती है। अधिक समय तक रैबीज का इंजेक्शन व एंटीबायोटिक नहीं लेने से जान भी जा सकती है।
ये बरतें सावधानी
-जानवर के काटने के 24 घंटे के अंदर या जितनी जल्दी हो सके, रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
-कुत्ता या बंदर काटने पर तेज धार वाले पानी से घाव को अवश्य साफ कर लें।
-एंटी सेपेटिक का प्रयोग करें, घाव को साबुन लगाकर धो लें।
-घाव को भरने के उपचार के साथ वैक्सीनेशन भी अवश्य कराएं।
-झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल नहीं पड़े, इससे जान भी जा सकती है
(जैसा कि डॉ. जय सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया।