बदायूं

Budaun News: मौत के गड्ढों की बैरिकेडिंग शुरू, साथ में संकेतक भी लगने लगे

Connect News 24

Barricading of death pits started, along with the indicators also started

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

चार बच्चों की मौत के बाद जागा प्रशासन, एक्सप्रेस-वे का निर्माण करा रही कंपनी ने भी कई गांवों में चलाया जागरूकता अभियान

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढों में चार बच्चों के डूबने के बाद प्रशासन और अडानी ग्रुप जागा है। इसके तहत दातागंज तहसील क्षेत्र के गांव में छोटे-छोटे बच्चों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के गड्ढों पर बैरिकेडिंग भी कराई जा रही है तो संकेतक बोर्ड भी लगवाए जा रहे हैं। यही नहीं एक्सप्रेस-वे पर भी कई जगह संकेतक बोर्ड लगवाए गए हैं, जिससे लोग गहरे गड्ढों के नजदीक नहीं जाएं। इसके लिए अडानी ग्रुप की ओर से टीम लगाई गई है।

विगत छह मई से लेकर अब तक गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढों में डूबकर चार बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें एक जुलाई का मामला चर्चित रहा, जब बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव ऐपुरा में गंगा एक्सप्रेस-वे के अंडरपास के गड्ढे में डूबकर दो किशोरों की मौत हो गई।

हालांकि इससे तीन दिन पहले इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव नसरौल में भी एक बच्चे की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हुई थी। इस घटना के बाद डीएम मनोज कुमार ने निर्माण कराने वाली कंपनी के अधिकारियों और सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि गंगा एक्सप्रेस-वे के सभी गड्ढों पर बैरिकेडिंग कराई जाए और वहां संकेतक बोर्ड लगवाए जाएं लेकिन उस दौरान निर्माण कंपनी का रवैया काफी ढीला देखने को मिला।

जब एक जुलाई को दो किशोरों की मौत हुई तो प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसका नतीजा अब सामने आने लगा है। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने वाले अडानी ग्रुप ने दातागंज इलाके में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। दातागंज से लेकर मूसाझाग तक कई गांव में एक्सप्रेस-वे के गड्ढों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है।

इसके साथ-साथ वहां संकेतक बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। यही नहीं चमरौलिया गांव में जाकर छोटे-छोटे बच्चों को जागरूक किया गया है। रायपुरा, धौंसपुर, डहरपुर, गुलड़िया और मूसाझाग इलाके में भी गड्ढों पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। जहां-जहां एक्सप्रेस-वे पर सड़क डाली जा चुकी है, वहां भी संकेतक बोर्ड लगवाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान जारी रहेगा।

गड्ढों का कराया जा रहा सर्वे

प्रशासन ने जिले की चार तहसीलों में गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढों का सर्वे शुरू करा दिया है। लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे के नजदीक जहां-जहां गड्ढे हैं या गड्ढे किए गए हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। कितना बड़ा गड्ढा है, उसमें कितना पानी भरा हुआ है। सुरक्षा के क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इन सब बातों को शामिल करते हुए सर्वें किया जाए।

तहसील क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए लेखपालों को निर्देश दिए हैं। वह गंगा एक्सप्रेस-वे के नजदीकी गांव में जाकर सर्वे करेंगे, कितने गड्ढे हैं और कहां-कहां सुरक्षा के इंतजाम हैं या कहां-कहां करना है। –

विजय कुमार मिश्र, एसडीएम बिसौली

हमारे ग्रुप की ओर से गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे जो भी गांव हैं। वहां लोगों को जागरूक किया जा रहा है। खासकर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें जागरूक करने वाली किताबें भी दी जा रहीं हैं। अब तक कई गांव में बैरिकेडिंग करा दी गई है और संकेतक बोर्ड लगवा दिए गए हैं।

-अभिषेक गौड़, मैनेजर कॉरपोरेट अफेयर अडानी ग्रुप

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगाया गया संकेतक बोर्ड। संवाद


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button