Rampur: एक और मामले में आजम खां पर आरोप तय, 2019 में चुनाव के दौरान जनसभा में दिया था नफरती भाषण

आजम खां (फाइल फोटो )
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नफरती भाषण देने के एक और मामले में सपा नेता आजम खां पर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय करते हुए गवाही के लिए 20 जुलाई की तारीख निर्धारित की है।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उन पर लगातार कानूनी शिंकजा कसा जा रहा है। सपा नेता आजम खां संयुक्त गठबंधन के वर्ष 2019 में रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी थे। इस दौरान उन पर आरोप है कि 20 अप्रैल 2019 को उन्होंने गांधी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने दो वर्गों में वैमन्यस्ता पैदा करने के उद्देश्य से नफरती भाषण दिया। जिस पर आरओ रहे एसडीएम सदर ने उनके खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में आजम खां जमानत पर चल रहे हैं। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में हुई।
सपा नेता आजम खां कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनके ऊपर दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा करने और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही जनसभा में निर्वाचन के संबंध में विभिन्न वर्गों के लोगों में शत्रुता पैदा करने के उद्देश्य के मामले में कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने गवाही के लिए गवाह को समन जारी करते हुए सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख नियत की है।

