शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: मिट्टी की वस्तुएं और सजावटी सामान बनाने की मिलेगी ट्रेनिंग

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शाहजहांपुर। उप्र माटीकला बोर्ड की ओर से माटीकला कारीगरों, शिल्पियों को आधुनिक तकनीक से माटीकला के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 दिवसीय आवासीय शिल्पकारी प्रशिक्षण के दौरान उन्हें दैनिक उपयोग, सजावटी वस्तुएं, खिलौने, मूर्तियां बनाना, मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, पच्चीकारी, चित्रकारी, नक्कासी आदि विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत पिपरौला स्थित उप्र खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस 15 दिवसीय शिल्पकारी प्रशिक्षण को प्राप्त करने के लिए नवयुवक-युवतियां आवेदन 20 जुलाई तक किसी भी कार्यदिवस में किया जा सकता है। प्राप्त आवेदन पत्रों का चयन विभाग, शासन से गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा। इसके बाद चयनित आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में केंद्र/ प्रशिक्षण स्थल पर भोजन आदि की व्यवस्था भी निशुल्क होगी। शिक्षण सत्र के समापन दिवस पर छात्रवृत्ति धनराशि प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में आरटीजीएस/ एनईएफटी के माध्यम से स्थानांतरित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र पर फोटो लगेगा। आधार कार्ड, योग्यता प्रमाण पत्र, बैंक पास बुक की छायाप्रति तथा जाति प्रमाण पत्र के साथ आवेदन पत्र को जिला ग्रामोद्योग कार्यालय 48, बाडूजई पेशावरी निकट कोयला ठेकी में जमा कर सकते हैं। आवेदक उप्र का मूल निवासी, उम्र 18 वर्ष पूर्ण, माटीकला का जानकार तथा साक्षर होना जरूरी है। राशन कार्ड के आधार पर एक परिवार से एक सदस्य का ही चयन किया जाएगा, चयन में दिव्यांग, बीपीएल परिवार के सदस्यों तथा महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

विद्युत चलित चॉक के लिए 20 तक करें आवेदन

शाहजहांपुर। माटीकला व शिल्पकला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित माटीकला बोर्ड की ओर से कुम्हारों को विद्युत चलित मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वह मिट्टी के बर्तन, खिलौने, मूर्तियां आदि बनाकर जीविका चला सकेंगे।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि माटीकला से जुड़े कारीगर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में 20 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं। एक परिवार के एक व्यक्ति को लाभ दिया जाएगा। पूर्व में ग्रामोद्योग आयोग व जिला उद्योग केंद्र और अन्य शासकीय विभागों से लाभ मिल सका है। उस परिवार को योजना के लिए अपात्र माना जाएगा। संवाद


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