Bareilly News: अहिच्छत्र बन सकता है अध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र
आंवला। आंवला पहुंचे मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने शनिवार को पांडवकालीन लीलौर झील के किनारे पौधरोपण करने के साथ गौरीशंकर मंदिर में पूजा-अर्चना की। तहसील क्षेत्र में वह कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। अध्यात्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण अहिच्छत्र का विकास पर्यटन केंद्र के रूप में करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
मुख्य सचिव शुक्रवार को देर रात आंवला पहुंचे। इफको के गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करने के बाद सुबह उन्होंने इफको प्लांट का निरीक्षण किया। यूनिट हेड राकेश पुरी ने बताया कि नैनो यूरिया और डीएपी का बड़ी मात्रा में उत्पादन शुरू किया गया है। उन्होंने नैनो यूरिया के उत्पादन की तकनीक तथा उसके प्रयोग की जानकारी दी।
इफको टाउनशिप में बने स्वर्णजयंती उद्यान में पौधरोपण के बाद वह नगर पालिका पहुंचे। यहां उन्होंने पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। एसडीएम आवास, दिनेश तिवारी इंटर कॉलेज में भी पौधा लगाया। सुभाष इंटर कॉलेज में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। विद्यालय से जुड़ी पुरानी यादें ताजा करीं।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के आवास पर जलपान के बाद वह स्टेशन रोड पर एक बरातघर में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बतौर एसडीएम अपने कार्यकाल को याद किया। उन्होंने बताया कि 1986 में उन्हें पहली पोस्टिंग आंवला में ही मिली थी। 13 महीने के कार्यकाल में जनसहयोग से पुस्तकालय, पालिका भवन के निर्माण के साथ सुभाष इंटर कॉलेज में फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई थी।
लीलौर झील के किनारे पौधरोपण के बाद उन्होंने कहा कि आंवला क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। महाभारतकालीन लीलौर झील, द्रुपद किला, जैन मंदिर, गौरी शंकर गुलड़िया धाम समेत कई प्राचीन स्थल हैं। इनका विकास करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की बात कही। वन विभाग के अधिकारियों से उन्होेंने लीलौर झील के किनारे की महाभारतकालीन पौधे लगाने को कहा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से झील के प्राचीन जलस्त्रोतों को जिंदा करने के लिए कहा।
आंवला को जिला बनाने की मांग
आंवला। नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आंवला को जिला बनाने की मांग मुख्य सचिव के सामने रखी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से रामपुर और बदायूं जिले के कुछ हिस्से को जोड़कर जिला बनाने की मांग कर रही है।
पुराने सहयोगियों से मिले
कार्यकाल के दौरान सहयोगी रहे राजकुमार रस्तोगी, चेतराम अमीन, एओ मसूद हुसैन व रसोईया गया प्रसाद से मिलकर मुख्य सचिव भावुक हो गए। कस्बे के कई लोग उनके साथ खींची गई पुरानी तस्वीरों को लेकर पहुंचे।



