आयुष्मान योजना : इलाज कराने में बरेली अव्वल, कार्ड बनाने में पिछड़ा
बरेली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना को शुरू हुए पांच साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक जिले में सात लाख से ज्यादा पात्र गरीबों को योजना के तहत साल में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज एक सपना ही बना हुआ है। पात्रों को योजना के तहत गोल्डन कार्ड जारी करने की बेहद धीमी रफ्तार के कारण ऐसा हो रहा है। गौर करने की बात यह है कि बरेली इलाज में तो प्रदेश के अव्वल जिलों में है, लेकिन गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले में स्थिति काफी बदतर है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 3.49 लाख परिवारों के 14 लाख से ज्यादा सदस्यों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने हैं। पांच साल में अब तक 6,69836 लाभार्थियों को ही गोल्डन कार्ड जारी किए जा सके हैं। यह कुल लाभार्थियों का करीब 45.32 प्रतिशत है। जिले में अब भी 50 प्रतिशत से ज्यादा गरीब गोल्डन कार्ड न होने के कारण मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित हैं। योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज लेने वाले गोल्डन कार्ड धारक लाभार्थियों की बात करें तो अब तक जिले में 2.20 लाख से ज्यादा लोग लाभ उठा चुके हैं।
शासन स्तर से बार-बार फटकार के बाद भी जिले में पात्रों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी करने के काम में तेजी नहीं आ रही।
गोल्डन कार्ड तो मिला, लेकिन इलाज के लिए भटक रहे
बरेली। गोल्डन कार्ड जारी करने के दौरान गलतियां भी हुई हैं। सीएमओ कार्यालय में हर महीने इस संबंध में औसतन 70-80 शिकायतें आती हैं। दरअसल, आधार कार्ड और गोल्डन कार्ड में अगर नाम में जरा भी भिन्नता होती है तो गोल्डन कार्ड धारक को योजना का लाभ नहीं मिलता। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि जिले में एक हजार से ज्यादा ऐसे मामले हैं जिनमें नाम गलत होने के कारण इलाज न मिलने की शिकायत है।
नहीं मिला इलाज, चली गई पिता की जान
बरेली। शहर के कटरा चांद खां निवासी नीरज कुमार का परिवार आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रता सूची में है। परिवार के सदस्यों के पास गोल्डन कार्ड भी हैं। नीरज बताते हैं कि परिवार के सदस्यों ने कई बार मुफ्त इलाज का लाभ भी उठाया है, लेकिन उनके पिता को कैंसर का इलाज नहीं मिल सका। पिता के पास गोल्डन कार्ड था। वह लिवर कैंसर से पीड़ित थे। इलाज काफी महंगा था। सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं था और निजी अस्पतालों ने हाथ खड़े कर लिए। इलाज के अभाव में उनके पिता की मौत हो गई।
जिले की स्थिति
कुल परिवार- 349970
परिवारों में सदस्य- 13.99 लाख
गोल्डन कार्ड बने- 669836
मुफ्त इलाज पाने वाले- 220061
अस्पतालों को भुगतान- 257.31 करोड़ सूचीबद्ध निजी अस्पताल- 164
सरकारी अस्पताल- 19
इलाज में प्रदेश स्तर पर रैंक- 1
वर्जन- गोल्डल कार्ड जारी करने का काम तेजी से किया जा रहा है। लोगों का जागरूक भी किया जा रहा है। गरीबों को मुफ्त इलाज के मामले में बरेली प्रदेश में अव्वल है। जिले भर में कैंपों का आयोजन कर गोल्डन कार्ड जारी किए जाएंगे। – डॉ. हरपाल सिंह, एसीएमओ/नोडल अधिकारी



