रामपुर

Rampur News: 26 लाख की आबादी के लिए आंखों के सिर्फ दो डॉक्टर

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रामपुर। जिले की 26 लाख आबादी को देखने के लिए स्वास्थ्य महकमे के पास केवल दो नेत्र रोग विशेषज्ञ ही मौजूद हैं। दोनों विशेषज्ञों की जिला अस्पताल में तैनाती है। जिले की पांच सीएचसी और 36 पीएचसी पर कोई भी नेत्र चिकित्सक नहीं है। ऐसे में आई फ्लू के बढ़ते खतरे के बीच गांव-देहात के लोगों को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने प्रत्येक सीएचसी पर पहुंचकर पड़ताल की। यहां पर पता चला कि आई फ्लू से पीड़ित मरीजों का इलाज सामान्य चिकित्सक ही कर रहे हैं।

स्वार सीएचसी पर नहीं आंखों का कोई डॉक्टर

स्वार। नगर में स्थित सीएचसी पर आंखों का कोई डॉक्टर नहीं है। तहसील क्षेत्र की बड़ी आबादी सीएचसी पर अपना इलाज कराने के लिए पहुंचती है। आई फ्लू से पीड़ित लोगों को डॉक्टर न होने की वजह से निजी डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेश चौधरी के मुताबिक ओपीडी में हर रोज चार सौ मरीज आते हैं। आई फ्लू से पीड़ित कोई नहीं आया है।

टांडा में आई फ्लू के 20 मरीज पहुंचे

टांडा। बृहस्पतिवार को टांडा की सीएचसी पर 15 से 20 मरीज आई फ्लू से पीड़ित पहुंचे। यहां सामान्य चिकित्सकों ने मरीजों को देखकर दवा दी। आंखों में डालने के लिए आई ड्रॉप दिया। सीएचसी पर नेत्र रोग का कोई चिकित्सक नहीं है। आंखों में गंभीर समस्या होने पर मरीज को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। संवाद

मिलक में तीन साल से नहीं डॉक्टर

मिलक। नगर स्थित सीएचसी पर बीते तीन साल से नेत्र रोग का कोई चिकित्सक नहीं है। ऐसे में आई फ्लू के लक्षण युक्त मरीजों का इलाज जनरल फिजिशियन के सहारे चल रहा है। सीएचसी पर प्रतिदिन 20 से 30 मरीज आई फ्लू से पीड़ित पहुंच रहे हैं। संवाद

शाहबाद में नेत्र परीक्षण अधिकारी के सहारे इलाज

शाहबाद। सीएचसी शाहबाद पर आंखों का कोई डॉक्टर नहीं है। काफी समय से नेत्र परीक्षण अधिकारी मरीजों का चेेकअप कर दवा दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को सीएचसी पर 382 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें 90 लोग आंखों में लालिमा, पानी, सूजन और खुजली आदि शिकायत लेकर पहुंचे। तहसील क्षेत्र में आंखों में संक्रमण होने की शिकायत बढ़ती जा रही है। संवाद

60 मरीजों ने आंखों में समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाया

बिलासपुर। सीएचसी पर नेत्र चिकित्सक का पद सृजित है। इसके बाद भी कई वर्षों से यहां पर नेत्र रोग का कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। वर्तमान में आई फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इनको देखने के लिए सीएचसी पर जनरल फिजीशियन उपलब्ध हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 60 मरीज आंखों में परेशान होने पर डाॅक्टर को दिखाने के लिए पहुंचे। संवाद

बयान:::

सीएचसी या पीएचसी पर सामान्य चिकित्सक ही आंखों के मरीजों को देखकर उपचार देते हैं। गंभीर समस्या होने पर मरीज को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। जिला अस्पताल में दो नेत्र सर्जन तैनात हैं।

-डॉ. एसपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी रामपुर।


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