Bareilly News: पति को जिंदा जलाने की दोषी महिला समेत चार को उम्रकैद
बरेली। प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पति को जिंदा जलाने की दोषी महिला और उसके प्रेमी समेत चार लोगों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अंगद प्रसाद ने किया।
घटना थाना प्रेमनगर की है। मृतक के भाई इतवारी ने 15 नवंबर 2011 को रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप लगाया कि उसके भाई भूपराम की पत्नी अर्चना उर्फ दीपा का सुनील शर्मा से अवैध संबंध है। भूपराम ने अर्चना को गृहस्थी का वास्ता देकर समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। पत्नी ने उसे धमकी दी कि रास्ते में आने की कोशिश की तो वह उसकी हत्या करवा देगी। 15 नवंबर को शाम 7:30 बजे वादी के घर पर अर्चना, सुनील शर्मा, गोलू उर्फ संजय, छोटू उर्फ संजीव, सचिन व पम्मी आदि आए और भूपराम को खींचते हुए ले गए।
सभी ने एक राय होकर वादी के भाई भूपराम के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। उसके भाई के चीखने चिल्लाने पर वह उसे बचाने पहुंचा लेकिन आरोपियों ने भूपराम को जिंदा जला दिया। उसे जली हुई हालत में दरवाजे के सामने बाहर नाली में फेंक दिया। अभियुक्तगण अर्चना, सुनील शर्मा, गोलू उर्फ संजय, छोटू उर्फ संजय, सचिन व पम्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
विवेचना के बाद अर्चना, संजय उर्फ गोलू, प्रेमवती उर्फ पम्मी व सुनील शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया गया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील स्वतंत्र पाठक ने कुल नौ गवाह पेश किए। अदालत ने चारों अभियुक्तों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।


