Budaun News: चंदा से बनाया चौकी के लिए भवन, पुलिसकर्मियों का इंतजार

जरीफनगर की बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी । संवाद
बदायूं। जरीफनगर इलाके में पुलिस चौकी का निर्माण लोगों ने चंदा जुटाकर कराया, लेकिन अभी तक यहां किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की तैनाती नहीं की है। करीब दो साल पहले बनी पुलिस चौकी में सभी सहूलियतें हैं। एक हैंडपंप लगा हुआ है। टंकी और बिजली की फिटिंग हैं। इसके बावजूद पुलिस चौकी की शुरुआत नहीं हो पाई, जिससे इलाके के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जरीफनगर थाना क्षेत्र का बस्तोई सीकरी इलाका ऐसा हैं, जहां आसपास के गांवों में अब तक 41 हत्याएं हो चुकी हैं। वर्ष 2021 में क्षेत्र के जागरूक लोगों ने ग्राम प्रधानों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलकर बस्तोई सीकरी में पुलिस चौकी खोलने की मांग की थी। तब पुलिस चौकी के लिए जगह की दिक्कत थी, लेकिन ग्राम प्रधानों समेत तमाम लोगों ने आपस में चंदा किया था।
उन्होंने बस्तोई सीकरी कुछ जमीन खरीदी। बस्तोई सीकरी के प्रधान सतेंद्र सिंह, जरीफनगर के प्रधान जितेंद्र सिंह, सोभनपुर के रिषीपाल, अजीजपुर के योगेंद्र और खनुआ नगला के दुर्वेश आदि ने चंदा करके पुलिस चौकी के लिए भवन बनवाया। उसमें दो कमरे, एक हॉल, शौचालय, रसोई घर का निर्माण कराया। बाहर एक टीनशेड भी डलवाया। उसमें एक नल लगवाया। बिजली और टंकी फिटिंग कराई। बिल्डिंग की दीवार पर पुलिस चौकी के नाम का एक बोर्ड भी लगवा दिया, लेकिन आज तक यहां सिपाही तैनात होना तो दूर पुलिस अधिकारी उद्घाटन करने तक नहीं पहुंचे।
प्रधान बोले- कई बार दे चुके हैं प्रार्थना पत्र
बस्तोई सीकरी के ग्राम प्रधान सतेंद्र सिंह ने बताया कि वह पुलिस चौकी शुरू कराने के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं और अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। अभी 10 अगस्त को भी वह एसएसपी से मिले थे, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उनका प्रार्थना पत्र सीओ कार्यालय से आगे ही नहीं बढ़ता। उनकी जांच रिपोर्ट आकर अटक जाती है।
बस्तोई सीकरी गांव में पुलिस चौकी के नाम से कोई बिल्डिंग बनी है,, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। न ही उनके पास कोई मिलने आया है। पुलिस चौकी ऐसे थोड़े ही बन जाती है। उसका प्रस्ताव पास होता है। पुलिस तैनात होती है। तब चौकी बनती है। अब बात सामने आई है तो इसके बारे में पता कराते हैं।- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
– बस्तोई सीकरी गांव में बिल्डिंग बनी हुई है। कुछ लोग भी हमारे पास आए थे। इस समय सावन का महीना चल रहा है। पुलिस कुछ ज्यादा ही व्यस्त है और इस समय पुलिस बल भी हमारे पास कम है। सावन खत्म होने के बाद इस पर कुछ विचार किया जा सकता है।- राकेश कुमार, इंस्पेक्टर जरीफनगर