रामपुर

वोट देने का अधिकार नहीं है, मांग तो सकता हूं : आजम

Connect News 24

रामपुर। सपा नेता आजम खां ने कहा है कि जब उनके विरोधियों को लगने लगा कि उनको हराया नहीं जा सकता है तो उनको हटा दिया गया। वोट देने का अधिकार भी छीन लिया गया, लेकिन मैं वोट तो मांग सकता हूं। अगर वश चले तो मेरे वोट मांगने के अधिकार पर रोक लगा दी जाए। आजम खां ने कहा कि मुझे बहुत दुख होता है कि मैंने जैसे रामपुर का सपना देखा था, उसे पूरा नहीं कर सका।

मंगलवार को पक्का बाग में चुनावी सभा में आजम खां ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि 40 साल कांग्रेस की सरकार प्रदेश और केंद्र दोनों में रही। लेकिन उनका ध्यान विकास पर नहीं था। मुझे जब भी मौका मिला मैंने रामपुर का विकास कराया। क्या 1960 और 70 के दशक में रामपुर ऐसा ही था। किसी के पक्के मकान नहीं थे। रियासत काल में तो किसी को पक्की सड़क पर चलने की इजाजत नहीं थी। कोई अपनी घर में बिजली का बल्ब नहीं जला सकता है। बिजली उनके घर में जलती थी जो नवाब के दरबार में हाजिरी देते थे। उन्होंने कहा कि रामपुर शहर के अंदर फ्रूट मंडी हुआ करती थी। उसकी वजह से भयंकर जाम लगता था, जिसे मैंने वहां से हटवाया था। वो भी बिना आदेश के नहीं। लोगों को विकल्प उपलब्ध कराया था। मैंने किसी को बेरोजगार नहीं किया है। कहा कि मैं तो यहां पर मेडिकल कॉलेज बनवाना चाहता था। ताकि यहां के लोगों को इलाज कराने के लिए दूसरे शहरों में न जाना पड़े, लेकिन मेरा यह सपना पूरा न हो सका। आजम खां ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर आज भी पुलिस तैनात है, शायद उनको यूनिवर्सिटी का नाम पसंद नहीं है। लेकिन रामपुर पब्लिक स्कूल को क्यों बंद करवा दिया। यहां तो दो हजार बच्चे पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव अगर ईमानदारी से हुए सभी निकायों में सपा के प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button