Bareilly News: बच्चों में मानसिक विकार पैदा कर रहा मोबाइल
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 20 Aug 2023 02:07 AM IST
बरेली। वैसे तो मोबाइल या किसी भी प्रकार के स्क्रीन वाले गैजेट्स सभी उम्र के लोगों के लिए हानिकारक हैं। बच्चों की सेहत पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे गए हैं। काउंसलर उजमा कमर का कहना है कि इसमें अभिभावक भी बराबर के दोषी हैं। उन्हें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे के सोशल मीडिया के किस-किस प्लेटफार्म पर अकाउंट हैं।
उजमा कमर बताती हैं कि एक शोध के मुताबिक यदि आप बच्चों को कम उम्र में ही मोबाइल फोन दे रहे हैं तो यह उनके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जितनी कम उम्र में बच्चों के हाथ में मोबाइल आएगा, मानसिक रोगों का खतरा उतना अधिक हो सकता है। खासकर 10 से 16 वर्ष तक के किशोरों में समझ विकसित हो रही होती है। ऐसे में वह सोशल मीडिया पर जो भी देखेंगे उसे ही विचारधारा मान लेंगे। उसी तरफ आगे बढ़ जाएंगे। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें ऐसे प्लेटफार्म से बचाएं जो उन्हें प्रभावित कर रहा हो। सोशल मीडिया पर पोस्ट लाइक करने, मेसेज का जवाब देने और दोस्तों से चैट करते रहने का असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
और भी गंभीर समस्याएं
एक फाउंडेशन ने करीब 30 हजार लोगों के मोबाइल फोन के डाटा पर उनकी अनुमति से शोध किया। इसमें बचपन में स्मार्टफोन के उपयोग और वर्तमान मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई। इसके अनुसार जिन लोगों ने बहुत ही कम उम्र से मोबाइल पर अधिक समय बिताना शुरू कर दिया था, उनमें मानसिक विकास और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें अधिक देखी गई हैं।



