Budaun News: इंस्पेक्टर का वीडियो वायरल करने वाले पूर्व वार्ड सदस्य के खिलाफ एफआईआर
बदायूं। शहर में दो दिन पहले निलंबित इंस्पेक्टर का वीडियो वायरल करने वाला पूर्व वार्ड सदस्य हारून खां अब पुलिस की कार्रवाई में फंस गया है। सिविल लाइंस पुलिस ने उसके खिलाफ अवैध उगाही, मानहानि और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
शहर कोतवाली में तैनात रहे इंस्पेक्टर क्राइम सहंसरवीर सिंह 17 अगस्त को डॉक्टर दंपती से हुई लूटपाट के मामले में निलंबित हुए थे। बताते हैं कि दो दिन पहले उनकी मां का चश्मा टूट गया था। तब वन विभाग होते हुए महिला अस्पताल के नजदीक से चश्मा बनवाकर लौट रहे थे। तभी स्काउट भवन के सामने तीन लोगों ने उन्हें रोक लिया था।
उनमें शहर के अमन मयंक शर्मा भी शामिल थे। वह अपनी कार के पीछे खड़े होकर तीनों लोगों से बातचीत कर रहे थे। तभी वैदो टोला निवासी पूर्व वार्ड सदस्य हारून खां ने पीछे से इंस्पेक्टर का वीडियो बना लिया था और उसे अवैध उगाही करने का नाम देकर वायरल कर दिया था।
हालांकि उस वीडियो में पैसे के लेनदेन जैसी कोई बात नहीं थी। वीडियो वायरल होते हुए पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने जांच कराई। इंस्पेक्टर सहंसरवीर सिंह ने बताया कि यह वीडियो बनाने वाला पूर्व वार्ड सदस्य हारून खां था। वह निकाय चुनाव के दौरान उसके मकान में किराये पर रहे थे। तब वह मतदाताओं को रिझाने के लिए कुछ सामान बांट रहा था। तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तभी से वह चिढ़ा हुआ है।
सिविल लाइंस पुलिस ने अमन मयंक शर्मा की तहरीर पर पूर्व वार्ड सदस्य हारून खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अमन का कहना है कि हारून खां वीडियो दिखाकर एक लाख रुपये मांग रहा था। रुपये न देने पर उसने वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व वार्ड सदस्य को तलाश करना शुरू कर दिया है।
हारून बोला- इंस्पेक्टर ने नहीं दिया था किराया
पूर्व वार्ड सदस्य हारून खां का कहना है कि इंस्पेक्टर सहंसरवीर सिंह करीब 11 माह तक उसके मकान में रहे। उन्होंने उसे किराया नहीं दिया। रुपये मांगने पर उसे धमकी दी गई। 10 मई को बुलाकर मारपीट की गई। उससे 17 हजार रुपये और गले की चेन निकाल ली थी। पहले भी वह अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।



