Bareilly News: भीड़ के आक्रोश के पीछे भविष्य की अनहोनी का भय
शाही (बरेली)। वीरावती की हत्या से परिवार और ग्रामीणों में तीखा गुस्सा है। चार बच्चों की परवरिश का सवाल कुनबे के लोगों को परेशान कर रहा है। इस बीच लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश पनप गया कि क्षेत्र में महिलाओं की हत्याएं लगातार हो रही हैं, लेकिन पुलिस कोई सटीक खुलासा नहीं कर पा रही है। इसी बात पर बृहस्पतिवार सुबह लोग सड़कों पर उतर आए। इसमें कई और गांवों के लोग भी शामिल हुए। लोगों का कहना है कि भीड़ के इस आक्रोश के पीछे भविष्य में किसी वारदात की अनहोनी का भय भी है।
घटनाक्रम के मुताबिक, सुबह नौ बजे से लोग सेवा ज्वालापुर गांव से सटे शाही शेरगढ़ रोड पर जुटने लगे। करीब दस बजे उन्होंने जाम लगा दिया। जाम में अवरोध भी किसी एक जगह नहीं लगाए, बल्कि कई जगह पेड़ काटकर सड़क बंदकर दी। कहीं ट्रैक्टर खड़े कर दिए। करीब डेढ़ किमी का इलाका इस तरह बाधित किया कि दोनों ओर से आए वाहन फंसकर रह गए। इसमें स्कूलों की छुट्टी के बाद घरों को निकले बच्चों और एंबुलेंस से निकले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। उन्होंने जाम खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ से तीखी बहस हुई। कुछ लोग वाहनों को पीछे मोड़कर निकल गए। अधिकतर लोग कोई विकल्प न होने पर करीब छह घंटे इंतजार करने के लिए विवश हुए। अधिकारी किसी तरह भीड़ को समझाते तो लोग सड़क से हट जाते। बाद में फिर कुछ लोग सड़क पर इकट्ठे हो जाते। इस वजह से जाम नहीं खुल पा रहा था। कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन पर लोग माने।
पीएसी समेत छह थानों की पुलिस जुटी
शाही थाने के अलावा भोजीपुरा, बिथरी चैनपुर, शेरगढ़, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज थानों की पुलिस को बुला लिया गया। एक प्लाटून पीएसी बुलाकर जाम वाले स्थान पर लगाई गई। दोनों सीओ के साथ ही इन सभी थानों के प्रभारियों ने भीड़ को समझाने की भरसक कोशिश की। शाम चार बजे जाम खुलवाने में सफल हुए।
माहौल भांप नहीं पाई पुलिस
वीरावती की हत्या के बाद बुधवार शाम से ही विरोध और जाम लगाने की तैयारी की जा रही थी। थाना पुलिस और एलआईयू माहौल को भांप नहीं पाई। इस मामले में पुलिस रिपोर्ट की तैयारी कर रही है। उकसाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।



