Bareilly News: रोडवेज के दो कर्मचारी निलंबित, फर्म का ठेका निरस्त
बरेली। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय सहायक सनी अरोरा और सेवा प्रबंधक के कार्यालय सहायक ललित अग्रवाल को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। इन दोनों कर्मचारियों पर बसों की मरम्मत के लिए कम कीमत वाली फर्मों को नजरअंदाज कर ज्यादा कीमत वाली फर्म को ठेका देने का आरोप है। वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद फर्म का ठेका भी निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले इसी फर्म का मुरादाबाद में भी ठेका निरस्त हो चुका है।
बरेली के सुभाषनगर की मैसर्स श्री सांई इंटरप्राइजेज फर्म को बसों की मरम्मत का ठेका नियमों को ताक में रखते हुए दे दिया गया था। जैम पोर्टल के जरिये बिड और टेंडर में सनी अरोरा और ललित अग्रवाल ने घपलेबाजी की। कम कीमत वाली फर्म को नजरअंदाज कर दिया। अधिकारियों ने भी ज्यादा कीमत पर टेंडर लेने वाली फर्म के नाम कार्यादेश जारी कर दिया। दो दिन पहले मुरादाबाद रीजन का ठेका निरस्त किया गया था। अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए बरेली का ठेका निरस्त करते हुए दो कार्यालय सहायकों को निलंबित कर दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितताओं के कारण कार्रवाई हुई है।
बड़े अफसर भी फंसे
मैसर्स श्री सांई इंटरप्राइजेज के पास बरेली और मुरादाबाद रीजन की वर्कशॉप में बसों की मरम्मत के लिए कर्मचारी और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का ठेका था। बरेली रीजन के आरएम दीपक चौधरी इससे पहले मुरादाबाद रीजन में आरएम थे। वह भी आरोपों में घिरे हैं। बरेली रीजन के तत्कालीन सेवा प्रबंधक संजय यादव पर भी आरोप हैं। मामले में शासन स्तर से जांच के बाद मुरादाबाद में फर्म को ब्लैकलिस्ट कर जमानत जब्त कर ली गई। मामले में शासन स्तर से जांच चल रही है। पिछले दिनों जीएम टेक्निकल श्याम बाबू ने बरेली पहुंच कर जांच की थी। इसके बाद आरएम दीपक चौधरी और सेवा प्रबंधक को भी लखनऊ तलब किया। अब भ्रष्टाचार सतह पर आने के बाद अधिकारी खुद की गर्दन बचाने में लगे हुए हैं।



