Budaun News: पूर्व जिला मंत्री के खिलाफ भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन

भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करते गांव नाई के ग्रामीण। संवाद
– अवैध वसूली करने और फर्जी केस में जेल भिजवाने का आरोप
-प्रभाशंकर और नारकोटिक्स विभाग के दो लोगों पर भी दर्ज है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नाई गांव के एक परिवार ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर पूर्व जिला मंत्री प्रभाशंकर वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा नेताओं से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभाशंकर वर्मा ने उनके परिवार के एक सदस्य से करीब तीन लाख रुपये की अवैध वसूली करवाई। साथ ही फर्जी केस में जेल भिजवाया। इस मामले में प्रभाशंकर समेत दो अन्य लोग भी नामजद हैं।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव नाई निवासी भगवानदेवी का कहना है कि प्रभाशंकर वर्मा ने 19 सितंबर 2022 को नारकोटिक्स विभाग के दो कर्मचारियों के साथ मिलकर उसके पति अजयपाल वर्मा से 3.10 लाख रुपये की अवैध वसूली करवाई थी। 22 सितंबर को उन्होंने बरेली जाकर पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की, मामले की जांच कराई जा रही थी कि तभी प्रभाशंकर वर्मा ने उनके पति पर झूठा एनडीपीएस का मामला दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया। अजयपाल 24 नवंबर से बरेली जेल में बंद हैं।
भगवानदेवी ने कहा कि बरेली कोतवाली पुलिस ने प्रभाशंकर और नारकोटिक्स विभाग के दो कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में न्यायालय ने आरोपी के वारंट भी जारी किए हैं लेकिन आरोपी प्रभाशंकर वर्मा खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। वह कई लोगों से धोखाधड़ी कर चुका है।
भगवानदेवी ने बताया कि शिकायत पर भाजपा नेताओं ने दोषी पाए जाने पर प्रभाशंकर के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में जरूरी है कि प्रभाशंकर को पार्टी से हटाया जाए।
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मामले से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं
प्रभाशंकर वर्मा पर पार्टी में कोई पद नहीं है। हालांकि वह पूर्व में जिला मंत्री रहे हैं। यह उनके आपस का मामला है। दोनों लोग एक ही गांव के रहने वाले हैं। पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
– राजीव कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
जिस महिला ने भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन किया है, उसका पति और परिवार के कई लोग जेल जा चुके हैं। वह तस्कर हैं और पुलिस ने छापा मारकर नशीला पदार्थ बरामद किया। हम पर जो आरोप लगाए गए हैं वह सब फर्जी हैं। इसमें कई बार जांच हो चुकी है। हमको क्लीनचिट मिल चुकी है।
– प्रभाशंकर वर्मा, पूर्व जिला मंत्री