Bareilly News: कॉलेज प्रबंधन पर डीफार्मा का फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप
आंवला। इस्माइलपुर गांव स्थित न्यू खुसरो फार्मेसी इंस्टीट्यूट ऑफ सांइसेस के प्रबंधन पर छात्रों ने फर्जी डिग्री देने का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
छात्रों ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले डीफार्मा में दाखिला लिया था। उस समय कॉलेज प्रबंधन ने संस्था को वैध बताया था। दो साल में प्रत्येक छात्र से 1.90 लाख रुपये का शुल्क लिया गया। दो साल पूरे होने के बाद भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित नहीं हुआ। कॉलेज प्रबंधन से जानकारी करने पर वह टालमटोल करने लगे।
पिछले साल 25 नवंबर को कॉलेज की ओर से उन्हें छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का अंकपत्र और प्रमाणपत्र दिया गया। कुछ छात्र रजिस्ट्रेशन पत्र अग्रसारित कराने यूनिवर्सिटी पहुंचे तो वहां के स्टाफ ने विश्वविद्यालय की ओर से यह प्रमाणपत्र जारी होने की बात से इन्कार कर दिया। कानपुर से लौटकर मामले की शिकायत कॉलेज प्रबंधन से की गई तो वह लोग फैसले का दबाव बनाने लगे। शिकायत न करने पर फीस लौटाने की बात कही।
शिकायत में बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने 60 छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। छात्रों ने बताया कि 28 अगस्त को उन लोगों ने एसडीएम गोविंद मौर्य से शिकायत की थी। इसकी जानकारी होने पर कॉलेज प्रबंधन उनके ऊपर दबाव बना रहा है।
एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 47 शिकायतकर्ता पहुंचे। इनमें से केवल एक ही शिकायत का मौके पर निस्तारण हुआ। मुतलकपुर गांव की वृद्धा रामकली, मिश्वरी व त्रिवेणी ने पिछले 18 महीने से विधवा पेंशन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
इन छात्रों ने कॉलेज में प्रवेश लिया था। मगर जो दस्तावेज यह लोग दिखा रहे हैं वह हमारी ओर से जारी नहीं किए गए हैं। – इरफान अली जाफरी, कॉलेज डायरेक्टर
मामले की शिकायत मिली है। जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – गोविंद मौर्य, एसडीएम
नवाबगंज में एक भी शिकायत का नहीं हुआ मौके पर निस्तारण
नवाबगंज। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को एसडीएम राजेश चंद्रा और तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने शिकायतें सुनीं। यहां कुल 38 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हुआ। यहां पहुंचे ढकिया बरकली गांव के किसान अमर सिंह, मोहन स्वरूप, मुनीश कुमार, राम कुमार, बाबूराम आदि ने बताया कि वह गन्ना समिति नवाबगंज के सदस्य हैं। बरखेड़ा चीनी मिल ने 12 दिसंबर 2022 तक का ही गन्ना भुगतान किया है। बीते दिनों समाधान दिवस में शिकायत करने पर अधिकारियों ने चीनी मिल में बुलाकर धमकी दी। कहा कि समाधान दिवस से ही भुगतान ले लीजिए। एसडीएम ने सहकारी गन्ना समिति की सचिव मेघा चर्तुवेदी को जल्द भुगतान कराने के निर्देश दिए। संवाद
सबसे अधिक शिकायतें चकरोड पर कब्जे की
मीरगंज। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 26 शिकायते दर्ज हुईं। इनमें से एक शिकायत का मौके पर निस्तारण हुआ। यहां आने वाली ज्यादातर शिकायतें अवैध कब्जे से संबंधित थीं। संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम वित्त को पहुंचना था। किसी वजह से वह नहीं आ सके। इसके बाद एसडीएम उदित पवार और तहसीलदार प्रज्ञा सिंह ने शिकायतें सुनीं। संवाद
गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया
बहेड़ी। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को गन्ना मूल्य भुगतान और छुट्टा पशुओं का मुद्दा छाया रहा। यहां पहुंचे लोगों ने कहा कि आसपास के गांवों के लोग छुट्टा पशुओं को ट्रॉलियों में भरकर नगर के आसपास छोड़ देते हैं। इस वजह से कस्बा में छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ी है। किसानों ने केसर चीनी मिल से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान दिलाने की मांग की। एडीएम (प्रशासन) दिनेश कुमार व एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 92 शिकायतें आईं। इनमें से 19 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती और यहां अवैध वसूली का मुद्दा उठाया गया। संवाद



