Pilibhit News: बाघ नहीं, बाघिन करती है हरदोई ब्रांच नहर के पास चहलकदमी

हरदोई ब्रांच नहर पटरी के समीप बैठी बाधिन।
पूरनपुर। हरदोई ब्रांच नहर और गांव मटेहना के पास बाघ नहीं बल्कि बाघिन चहलकदमी करती है। उसकी तस्वीरें कैमरों में कैद होने के बाद वन विभाग ने इसका खुलासा किया है। बाघिन पिंजरा के पास नहीं फटक रही है। दूसरे दिन भी बाघिन हरदोई ब्रांच नहर पटरी की झाड़ियों में डेरा जमाए रही। निगरानी में लगी टीमें शुक्रवार को भी आसपास बनी रहीं। बाघिन के न पकड़े जाने से लोगों में रोष है।
थाना घुंघचाई क्षेत्र के गांव मटेहना और हरदोई ब्रांच नहर के समीप करीब दो महीने से चहलकदमी करने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार को नहर पटरी के समीप दोबारा पिंजरा लगाया गया। पहले भी हरदोई ब्रांच नहर पटरी और नहर के 13 मील पर पिंजरा लगाया गया था। बृहस्पतिवार को लगाए गए पिंजरे के समीप भी बाघिन नहीं पहुंची। बाघिन की लोकेशन जानने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी को वन एवं वन्य जीव प्रभाग की तीन टीमें लगाई गईं हैं।
पहले यह माना जा रहा था कि नहर पटरी पर बाघ डेरा जमाए है, लेकिन नहर पटरी के समीप लगाए गए कैमरे में फोटो कैद होने के बाद पता चला कि वह बाघिन है। इसकी उम्र दो-तीन साल की है। बाघिन नहर पटरी के समीप ही दूसरे दिन भी डेरा जमाए रही। वन विभाग के अफसर, कर्मचारी उसके पिंजरे में पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
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शिकार न मिलने पर पिंजरे में फंसने की उम्मीद
दो दिन पहले बाघिन ने मटहैना कॉलोनी नंबर छह में हरेंद्र के बछड़े का शिकार किया था। बछड़े का अधखया शव बाघिन बुधवार रात को खींचकर झांड़ियों में ले गई थी। तब से बाघिन अपने शिकार के पास ही डेरा जमाए है। वनकर्मी शिकार का मांस खत्म होने और भूख लगने पर उसके पिंजरा में फंसने की उम्मीद जता रहे हैं।
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कैमरों में कैद हुई तस्वीरों से बाघिन की पहचान हुई है। वह पिंजरे तक नहीं पहुंच रही है। उसकी निगरानी में छह टीमें लगी हैं। – नवीन खंडेलवाल, डीएफओ

