Pilibhit News: आरसी जारी होने पर परिवार के आठ लोगों ने तहसील पहुंचकर दी जान देने की धमकी

बीसलपुर तहसील कार्यालय में फरियाद लेकर आए गांव गुलरिया के एक परिवार के सभी लोग । संवाद
बीसलपुर। एक ही परिवार के आठ लोगों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर सामूहिक रूप से जान देने की धमकी दी तो पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाकर उन्हें जैसे-तैसे शांति किया। परिवार मकान और स्कूल को सरकारी जमीन पर बना बताकर दो लाख रुपये का जुर्माना डालने से आक्रोशित है।
गांव गुलड़िया ताल्लुके सुजनी निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि गांव में वर्ष 1989 में उन्होंने अपना घर और स्कूल बनवाया था। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने अब उनका घर और विद्यालय सरकारी जमीन पर बना होने की बात कहकर उन पर दो लाख रुपये का जुर्माना डाल दिया है। जुर्माना अदा करने के लिए एक माह के भीतर चार नोटिस भी जारी कर दिए और फिर रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करा दी।
अधिकारियों ने जुर्माना अदा न करने पर उनका घर और विद्यालय ढहाने की चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को वह परिवार के सात सदस्यों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियोंं से जुर्माने की कार्रवाई को गलत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। श्रवण कुमार ने अधिकारियों को बताया कि हलका लेखपाल ने सुविधा शुल्क न देने के कारण उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजकर यह कार्रवाई कराई है।
आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और उनका प्रार्थना पत्र फेंंक दिया। कर्मचारियों से उनकी पिटाई भी कराई। इससे क्षुब्ध होकर श्रवण कुमार ने परिवार के साथ तहसील परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। कोतवाली से इंस्पेक्टर क्राइम अरुण और नगर पुलिस चौकी प्रभारी रणजीत सिंह फोर्स लेकर पहुंच गए। इस बीच एसडीएम सचिन राजपूत ने श्रवण से बातकर उन्हें निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार लौट गया।
नियमानुसार हुई है सारी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम का कहना है कि श्रवण कुमार का घर खलिहान और स्कूल ग्राम सभा की जमीन पर बना है। उनके विरुद्ध राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये का जुर्माना डाला गया है। जुर्माना अदा न करने पर उनकी आरसी जारी की गई। सारी कार्रवाई नियमानुसार की गई है। अब वह दबाव बनाने के लिए आत्मदाह की धमकी दे रहे हैं। फिलहाल समझा-बुझाकर उन्हें घर भेज दिया है। प्रार्थना पत्र फेंकने और पिटाई कराने का आरोप गलत है।