Bareilly News: खाकी का दुलार… मुकदमों की भरमार, फिर भी तीन-तीन लाइसेंसी हथियार
बरेली। जमीन की खरीद-फरोख्त के बहाने ठगी करने वाले गिरोह के सरगना मीरगंज में बैठे हैं। वे पुलिस के दुलारे हैं। 13 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद वह तीन-तीन लाइसेंसी हथियार लेकर घूम रहे हैं। अब आईजी के आदेश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने मुकदमों की विवेचना तेज कर दी है। रोज पीड़ितों से नई जानकारी और साक्ष्य मिल रहे हैं। मीरगंज थाना प्रभारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
अलग-अलग किरदार में किसानों से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ भोजीपुरा, भुता व मीरगंज थानों में 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। गिरोह के सरगना नन्हे यादव व महिपाल यादव मीरगंज से ताल्लुक रखते हैं। ठगी की कमाई के दम पर महिपाल गांव का प्रधान भी बन चुका है।
पीड़ित मनोज शुक्ला, हरीश गंगवार व अन्य लोगों ने मीरगंज थाना पुलिस को साक्ष्य सौंपे कि ठगी से पहले भी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे हैं, फिर भी इनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही। यह भी बताया कि आरोपियों पर तीन-तीन लाइसेंसी हथियार हैं, जिनका प्रयोग वे ठगी के धंधे को चमकाने में करते हैं। पीड़ितों के मुताबिक इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने विवेचना के अलावा अन्य कोई कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया।
पीड़ित आईजी से मिले तो मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच के आठ विवेचकों की टीम रोज ही पीड़ितों से बात कर गिरोह के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ जल्दी ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
ठगी के पीड़ितों को अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद बंधी है। हरीश गंगवार, मनोज शुक्ला आदि के मुताबिक प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार में यह गिरोह फला-फूला और इन्होंने जमीन कब्जाने का धंधा शुरू किया। भाजपा सरकार में इनकी एक न चली तो आरोपियों ने दिल्ली की कंपनी के नाम पर जमीन की खरीद-फरोख्त का झांसा देकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। ठगी से ये करोड़ों रुपये कमा चुके हैं। सुबूत लेकर पीड़ित थानों में घूम रहे थे पर सुनवाई नहीं हो रही थी।
एक ही पैटर्न पर ठगी के कई मामलों में रिपोर्ट लिखी गई थीं। थानों से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मीरगंज थाना प्रभारी ने ज्यादा शिथिलता बरती। इसी वजह से सभी मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को दी गई है। दोषी पाए जाने पर मीरगंज इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की जाएगी। शस्त्र लाइसेंस की स्थिति पता कराई जा रही है। इन्हें निरस्त कराया जाएगा। – डॉ. राकेश कुमार सिंह, आईजी रेंज
जमीन खरीदने के बहाने धोखाधड़ी के मुकदमों की विवेचना अब क्राइम ब्रांच कर रही है। इसमें थाना स्तर से क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं है। – राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात



