Bareilly News: चाचा को फंसाने का इंतजाम कर रहा था तोताराम
बरेली। मां को रास्ते से हटाने के लिए तोताराम ने काफी दिमाग लगाया। उसने जमीन की खातिर चाचा को फंसाने की भी साजिश रची थी।
शांति देवी उन दिनों अपनी ननिहाल गई थीं। इस बीच आठ दिन तक परिवार के किसी सदस्य ने उनसे बात नहीं की। पुलिस को शुरू से ही परिवार पर संदेह था। वहीं, शव मिलने के बाद बेटे ने उसे पहचानने से इन्कार किया था। खुद वादी बनने या खुलासे के लिए पुलिस से एक बार भी नहीं कहा। तब पुलिस ने आसपास के लोगों को भरोसे में लेकर जानकारी जुटाई। तोताराम को पकड़कर सख्ती की तो वह तोते की तरह राज उगलने लगा।
तोताराम ने बताया कि उसके एक चाचा की शादी नहीं हुई थी। उन्होंने अपने हिस्से की कुछ जमीन चचेरे भाई के नाम कर दी थी। बची जमीन भी वह उसी को देना चाहते थे। उसने योजना बनाई कि मां की हत्या में अगर घरवालों पर शक हुआ तो वह चाचा को फंसाकर उनकी जमीन अपने नाम करा लेगा।
इस तरह की मां की हत्या
पहले बताया जा रहा था कि तोताराम का भाई मां शांति देवी को बाइक से लालकुआं चौराहे पर छोड़ गया था। बाद में पता लगा कि भाई से यह बात तोताराम ने ही कहलवाई थी। शांति देवी खुद ही ई-रिक्शा से फतेहगंज पश्चिमी पहुंच गईं तो पीछे से बाइक लेकर लालाराम पहुंच गया। उसने मां को बाइक पर बैठाकर रहपुरा जागीर (शांति देवी की ननिहाल) ले जाने लगा। फिर रहपुरा की बजाय पनबड़िया की ओर बाइक मोड़ दी। सुनसान जगह पर शांति देवी की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।



