Budaun News: प्रभु भक्ति और उपासना के लिए मिलता है मानव शरीर

कथा सुनाते भूदेश शंखधार महाराज। संवाद
बिल्सी। श्री सिद्धपीठ बालाजी धाम के तत्वावधान में चल रही भगवान गणेश कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित भूदेव शंखधार ने कहा कि मनुष्य शरीर प्रभु भक्ति और उपासना के लिए मिला है। जो मानव तन पाकर भी प्रभु की आराधना, उपासना नहीं करता वह पशु तुल्य है।
सोमवार को कथावाचक ने कहा कि जीव का कल्याण तब तक नहीं हो सकता, जब तक भगवान का आश्रय ग्रहण न करे। परमात्मा को जाने बिना जन्म मरण रूपी इस भयंकर पीड़़ा से बचने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। इसलिए बुद्धिमान वही है जो होश संभालते ही जगत में छुपे जगदीश्वर को जानने में जुट जाए।
इस दौरान कथा में भगवान गणेश के पुत्रों शुभ-लाभ का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर महंत मटरूमल महाराज, स्वतंत्र राठी, प्रदीप शर्मा, त्रिलोक चंद गर्ग, चारु सोमानी, संजीव शर्मा, दीपक माहेश्वरी, सौरभ सोमानी आदि मौजूद रहे। संवाद

कथा सुनाते भूदेश शंखधार महाराज। संवाद