Budaun News: नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद मामले में सात नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हिंदू महासभा ने बुर्ज और गेट के फोटो किए दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। हिंदू महासभा की ओर से दायर नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को वाद की पोषणीयता पर सुनवाई के दौरान सिविल जज सीनियर डिवीजन लीलू ने मामले में सात नवंबर की तारीख तय की है। हिंदू महासभा ने जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव का मंदिर बताकर पूजा-अर्चना करने की मांग की है। कोर्ट में वाद की पोषणीयता पर बहस होनी है।
हिंदू महासभा ने जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी, सुन्नी सेंट्रल वक़्फ बोर्ड, प्रदेश सरकार, पुरातत्व विभाग आदि को पक्षकार बनाते हुए दावा दायर किया था कि जामा मस्जिद से पहले यहां पर नीलकंठ महादेव का मंदिर था, जिसमें सभी सनातनी पूजा अर्चना करते थे। शुक्रवार को हिंदू महासभा के अधिवक्ता वेद प्रकाश साहू और विवेक रेंडर ने जानकारी दी कि हिंदू महासभा की ओर से शुक्रवार को सन 1877, 1907 और 1926 के गजेटियर दाखिल किए गए।
इसके साथ ही हिंदू महासभा की ओर से बुर्ज, सोथा चौकी के सामने के किले के दरवाजे और दर्शन करते हुए फोटोग्राफ कोर्ट में दाखिल किए गए हैं। सिविल जज लीलू ने वाद की पोषणीयता पर बहस के लिए सात नवंबर की तारीख नियत की है।