Bareilly News: बजट घटा, दो बार एस्टीमेट बदला, दिवाली तक कैसे गड्ढा मुक्त होंगी सभी सड़कें
बरेली। शासन की बेरुखी, बजट की कमी और क्रियान्वयन की धीमी गति से जिले की सड़कों का गड्ढा मुक्त अभियान सवालों में घिर गया है। स्थिति यह है कि दो बार एस्टीमेट बदल चुका है। चिह्नित की गईं 300 से अधिक सड़कों की संख्या घटकर सौ से कम कर दी गई है। अफसरों ने सभी सड़कों को समय से गड्ढा मुक्त करने का दावा तो किया है, लेकिन यह कैसे संभव होगा? इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं। सवाल उठ रहा है कि अभी जब टेंडर ही नहीं हुए तो मुख्यमंत्री द्वारा नवंबर में तय दीपावली तक की समय सीमा में सभी सड़कें गड्ढामुक्त कैसे होंगी?
खुद अफसरों के सर्वे के अनुसार जिले की
304 सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इनकी विशेष मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए 137 करोड़ रुपये मांगे थे लेकिन जब शासन से बजट में कटौती का संकेत मिला तो प्रस्ताव बदल गया। अभियंताओं ने दोबारा पूरी कवायद की और 106 सड़कों के लिए 38 करोड़ रुपये मांगे, लेकिन पूरी मंजूरी इसे भी नहीं मिली। शनिवार को 78 सड़कों के लिए 17 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इसमें 50 फीसदी 8.65 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। अब 78 सड़कों के लिए 20 अक्तूबर तक टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर मंजूर होने के बाद वर्क आर्डर निकलेंगे। इसमें पूरा महीना गुजर जाएगा। दिवाली 12 नवंबर को है। नवंबर के 12 दिन में यह सड़कें गड्ढामुक्त होना संभव नहीं दिख रहा है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कि अधिकतर सड़कों को वह गड्ढामुक्त कराने का प्रयास करेंगे। यही नहीं अफसरों ने शुक्रवार को तो प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने 31 अक्तूबर तक ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा कर दिया है।
ऐसे हुआ प्रस्तावों में बदलाव
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अरविंद कुमार जैन ने 19 अगस्त 2023 को मार्गों की विशेष मरम्मत के लिए एस्टीमेट मांगे। तय मानकों पर अभियंताओं ने एक महीने तक एस्टीमेट तैयार करके 27 सितंबर तक विभाग की साइट पर अपलोड कर दिए। उम्मीद थी कि तत्काल मंजूरी मिलेगी और काम शुरू होगा। सड़कें भी दिवाली से पहले गड्ढा मुक्त हो जाएंगी लेकिन एस्टीमेट अपलोड होते ही पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के अफसरों ने दोबारा से एस्टीमेट तैयार कराने के आदेश दिए। अबकी बार कहा गया कि सड़क का जितना हिस्सा चलने लायक नहीं है, उसकी ही विशेष मरम्मत कराई जाए। इसके बाद अभियंताओं ने फिर कवायद की और 5 अक्तूबर तक एस्टीमेट दोबारा अपलोड कर दिए। शासन ने इसमें भी कटौती की है।
फिर मांगे गए प्रस्ताव
जो सड़कें रह गई हैं उनके लिए एस्टीमेट मांगे गए हैं। तीन दिन में एस्टीमेट भेजे जाएंगे। शासन की प्राथमिकता उन सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की है जिनमें ज्यादा ट्रैफिक है। पहले ऐसी सड़कों को गड्ढा मुक्त कराया जा रहा है। बाकी सड़कों के लिए भी बजट मिलेगा। बजट की कहीं कोई कमी नहीं है। – संजय तिवारी, मुख्य अभियंता



