Bareilly News: घट रहा गहनों का वजन तो बच्चों पर कसें लगाम
बरेली। घर में रखे गहनों का वजन या लंबाई घट रही है तो यह दुर्भाग्य का प्रतीक नहीं। यह आपके बच्चों की कारगुजारी हो सकती है। सराफा कारोबारियों के पास आए दिन युवा और किशोर गहनों का वजन और लंबाई कम कराने पहुंच रहे हैं। समझाने पर नोकझोंक की स्थिति बन रही है।
सराफा कारोबारियों के मुताबिक बीते वर्षों में भी ऐसे मामले सामने आते थे पर उनकी संख्या सीमित थी। अब हर माह संगठन को ऐसे 15-20 मामलों से संबंधित सूचनाएं मिल रही हैं। लिहाजा, कारोबारियों में असमंजस की स्थिति है। उनके मुताबिक शुरुआत में कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई पर जब कुछ परिचितों के बच्चे ऐसे मामले लेकर पहुंचे तो उनसे पूछताछ की गई। वे ना-नुकुर करने लगे तो उनके माता-पिता को कॉल की गई, तब पोल खुली। लिहाजा, अब कारोबारी सतर्कता बरत रहे हैं।
अभिभावक का नंबर मांगने पर बहानेबाजी
मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर जब कारोबारी अभिभावक का नंबर मांगते हैं तो किशोर और युवा बहानेबाजी करते हैं। इसमें मम्मी-पापा का फोन खराब होने, बार-बार कॉल न करने, कोई दिक्कत नहीं होगी घर में सब को पता है, करना है तो करो नहीं तो कहीं और करवा लेंगे, कोई चोरी का नहीं है, समेत अन्य दावे करते हैं।
बच्चों की निगरानी बेहद जरूरी
बरेली कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत कौर आहूजा के मुताबिक अभिभावक अक्सर बच्चों पर ध्यान नहीं देते। बचपन में उनकी छोटी और सस्ती मांगें पूरी करते हैं जो उम्र के साथ बड़ी और महंगी हो जाती हैं। जब मांग पूरी नहीं होती तो वे बेकाबू होते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों को शुरुआत से ही अनुशासन में रखें।
आईसीडी की चपेट में आ रहे हैं किशोर, युवा
मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष के मुताबिक अभिभावक से इच्छित वस्तु न मिलने पर बच्चे अब इंपल्सिव कंट्रोल डिसॉर्डर (आईसीडी) की चपेट में आ रहे हैं। इसमें चोरी-छिपे घर के सामान बेचना, गहने चोरी करना या उसकी गुणवत्ता कम करना समेत आक्रामक और खुद को बीमार बनाने के भी लक्षण शामिल हैं। प्रतिमाह ओपीडी में ऐसे 50 से ज्यादा केस पहुंच रहे हैं।
अपील : अभिभावक और पुलिस को दें सूचना
बच्चों की कारगुजारी अभिभावकों के संज्ञान में आने पर पुलिस कार्रवाई की आशंका के मद्देनजर बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल ने कारोबारियों से बगैर पुष्टि ऐसी किसी खरीद से बचने के लिए कहा है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुदेश अग्रवाल ने बगैर गहने की रसीद देखे, अभिभावक से बात किए बिना गहना छोटा या वजन कम करने या बदलने से बचने के लिए कहा है। वहीं, अनजाने में अगर किसी से यह चूक हो गई है तो मामला पुलिस में पहुंचने पर तत्काल संगठन को सूचना देने के लिए कहा है।
पूछताछ की तो सकपकाया युवक
केस-1
किला थाना के पास स्थित ज्वेलरी शॉप पर सप्ताहभर पहले एक युवक सोने की अंगूठी लेकर पहुंचा। बदलकर ठीक इसी डिजाइन की दूसरी कम वजन की अंगूठी मांगी। पूछने पर वह सकपका गया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर अभिभावक का नंबर मांगा तो मना कर दिया। बगैर बात किए बदलने से इन्कार करन पर वह दूसरी दुकान पर चला गया।
सोने की चेन छोटी कराने पहुंचा किशार
केस-2
आलमगिरीगंज स्थित एक सराफा कारोबारी से बीते दिनों 15 वर्षीय किशोर ने मां की सोने की चेन को दो इंच तक छोटी करने के लिए कहा। कहां घर है और मां से बात कराने के सवाल पर किशोर आनाकानी करने लगा। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस को बताने का झांसा दिया तो तेज आवाज में बहस करते हुए आगे बढ़ गया।



