Budaun News: खत्म हुआ सालों का इंतजार… भमुईया गांव में घर-घर पहुंची बिजली

भमुईया गांव में खंभो पर पड़ी लाइन। संवाद
कादरचौक। ब्लॉक क्षेत्र के भमुईया गांव में अब घर-घर बिजली पहुंच रही है। विद्युत निगम के अधिकारियों ने पिछले माह अभियान चलाकर वर्षों से खाली पड़े खंभों पर लाइन खिंचवाई थी। बाद में घर-घर केबल डालकर बिजली पहुंचा दी गई। अब ग्रामीणों को अपनी केबल डालने की जरूरत नहीं है और न ही मरम्मत करने की जरूरत पड़ रही है।
ग्राम भमुईया ब्लॉक क्षेत्र का ऐसा इकलौता गांव था, जहां विद्युत निगम की ओर से खंभे तो लगवा दिए गए थे लेकिन निगम के अधिकारी उन खंभों पर लाइन खिंचवाना भूल गए थे। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 45 साल पहले गांव के बाहर एक ट्रांसफॉर्मर रखवा दिया गया था और काफी मांग के बाद गांव में बिजली के खंभे लगवा दिए गए थे। कई साल तक ग्रामीण लाइन खींचने की मांग करते रहे।
जब विद्युत निगम के अधिकारियों ने नहीं सुना तो लोगों ने एक-एक करके खुद ही ट्रांसफॉर्मर से अपने-अपने घरों को केबल डाल ली और बिजली प्रयोग करते रहे। करीब तीन साल पहले विद्य़त निगम के अधिकारियों ने भमुईया गांव के हर घर पर मीटर भी लगवा दिया लेकिन जो खंभे खाली पड़े थे, उन पर केबल फिर भी नहीं डलवाई गई थी। गांव में अपनी मनमर्जी के केबल डालने की वजह से पूरा तारों का मकड़जाल जैसा बन गया था।
पिछले दिनों अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका नतीजा यह रहा कि पिछले माह विद्युत निगम ने ट्रांसफॉर्मर से सभी ग्रामीणों की केबल उतरवा दी और खंभों पर अपनी लाइन डलवाकर सभी घरों को प्वाइंट बनाकर केबल डाल दी गई। इससे गांव में तारों का मकड़जाल खत्म हो गया है। अब गांव में एक व्यवस्था के तहत बिजली पहुंच रही है। गांव में केवल एक गली रह गई है। वहां भी केबल डालकर बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है।
कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र के भमुईया गांव में खंभों पर केबल डलवा दी गई है। खंभों पर प्वाइंट बनाकर लोगों के घरों को केबल डालकर कनेक्शन दिए गए हैं। अब गांव में कोई समस्या नहीं है। – अभिषेक कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम



