Pilibhit News: विवाहिता की हत्या में पति को उम्रकैद 20 हजार का जुर्माना
पीलीभीत। दहेज की खातिर पत्नी की हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार सिंह ने पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मौजूदा समय में पति जमानत पर है। ऐसे में न्यायालय ने जमानत निरस्त कर तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने का आदेश दिया। तीन आरोपियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोष मुक्त किया।
बीसलपुर थाना क्षेत्र के रुरिया निवासी कौशर अली पुत्र नासिर शाह ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसने अपनी बेटी निजहत उर्फ गुडि़या का निकाह मुस्लिम रीति रिवाज से पूरनपुर देहात क्षेत्र के रजागंज वार्ड संख्या 12 निवासी नन्हें शाह पुत्र जिगर अली शाह के साथ तीन वर्ष पहले किया था। बेटी जब ससुराल पहुंची तो पता चला कि नन्हे शाह पहले से विवाहित है। पहली पत्नी परवीन बाबू शाह व हसीना ने दहेज में बाइक रंगीन टीवी व एक लाख रुपये की डिमांड की। डिमांड पूरी न होने पर 13 अगस्त 2015 को ससुरालियों ने बेटी को आग से जलाकर मार डाला। सूचना पर वह ससुराल पहुंचा तो बेटी का शव जली अवस्था में पड़ा था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नन्हे शाह को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन के द्वारा परवीन बाबू शाह व हसीना को तलब किए जाने का प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने तलब किया। अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद पति नन्हें शाह को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। परवीन बाबू, शाह हसीना के विरुद्ध आरोप साबित न होने पर दोष मुक्त किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) देवेंद्र शर्मा ने की।



