Bareilly News: मतदाता सूची के पुनरीक्षण में हुई लापरवाही की खुली पोल
बरेली। मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते निकाय चुनाव में एक लाख से ज्यादा लोगों के मताधिकार से वंचित रहने का अंदेशा है। इससे जहां सिस्टम की लापरवाही उजागर हुई, वहीं जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। अब अफसर मतदाताओं को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
काफी समय तक बीएलओ मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में जुटे रहे। सुपरवाइजर के साथ ही एसडीएम व तहसीलदार इस पर नजर बनाए रहे। फिर भी मृतकों के नाम नहीं काटे गए और युवाओं के नाम दर्ज होने से रह गए। बीएलओ के काम और अधिकारियों के निरीक्षण पर सवाल खड़े हुए तो अधिकारी मतदाताओं पर जिम्मेदारी डालकर सिस्टम की लापरवाही को छिपाने में जुट गए।
इस विषय में बृहस्पतिवार शाम को जिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का प्रकाशन करने के बाद उसे बूथवार प्रदर्शित किया जाता है ताकि मतदाता उसे देखकर कमियां दूर करा लें। मतदाताओं ने जागरूकता दिखाई होती तो ऐसा हाल नहीं होता।
ऐसे सामने आई सिस्टम की लापरवाही
वार्ड 57 के फाल्तूनगंज मतदान केंद्र पर ऐसे कई मतदाता पहुंचे, जिन्होंने फाॅर्म भरकर बीएलओ को दिया था। बीएलओ ने नाम शामिल करने के लिए सूची बनाकर उसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा भी किया था, लेकिन जब मतदाता सूची आई तो एक भी नाम शामिल नहीं था। बीएलओ से बातचीत में पता चला कि सिर्फ एक मतदान केंद्र पर बीस से अधिक युवा मतदाता सिस्टम की लापरवाही से मतदान से वंचित रह गए। ऐसा कई केंद्रों पर हुआ।
कोट
दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही मतदाता सूची तैयार की गई। त्रुटि वहीं है, जहां पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं ने बीएलओ को सही जानकारी नहीं दी। मतदान केंद्र से वही वापस लौटे जो पुनरीक्षण के दौरान अपना नाम सूची में शामिल नहीं करा सके। कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने इस बात को नहीं समझा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव की मतदाता सूची अलग-अलग होती हैं। – शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी



