Bareilly News: समीक्षा में उठा बसों की कमी का मुद्दा
बरेली। रोडवेज के नोडल अधिकारी व प्रधान प्रबंधक तकनीकी अजीत सिंह ने रविवार को सेटेलाइट, पुराना बस स्टैंड के साथ रीजनल और दोनों डिपो के वर्कशॉप का औचक निरीक्षण किया। दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर वर्कशॉप में चल रहीं तैयारियों को देखा और जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद हुई समीक्षा बैठक में त्योहारों के बीच बसों की कमी की बात सामने आई। उन्होंने मुख्यालय से बात कर रीजन को जल्द 60 नई बसें दिलाने का वादा किया।
बरेली रीजन का नोडल अधिकारी बनने के बाद उनका यह पहला दौरा था। एक नवंबर से दिल्ली में सीएनजी, इलेक्टि्रक और बीस-6 मॉडल के अलावा अन्य बसों के प्रवेश पर पाबंदी के बाद इस रूट पर बसों की संख्या काफी घट गई है। बरेली, रुहेलखंड, पीलीभीत और बरेली के अधिकारियों ने इस बारे में नोडल अधिकारी को बताया। उन्होंने रीजन के बेड़े में शामिल सभी बसों को ऑन रोड लाने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि बरेली रीजन के लिए 76 नई बीएस-6 मॉडल बसों का आवंटन हो चुका है। वह जल्द 60 नई बसें दिलवाएंगे।
आरएम दीपक चौधरी को सभी रूटों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने और लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व जुटाने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने एसएम धनजीराम को निर्देश दिए कि कोई बस वर्कशॉप में अनावश्यक रूप से नहीं रहनी चाहिए। दो दिन में सभी की कमियों को दूर कर लिया जाए। बैठक में एआरएम बरेली संजीव श्रीवास्तव, एआरएम रुहेलखंड अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम पीलीभीत पवन श्रीवास्तव, एआरएम बदायूं धरणेंद्र कुमार चौबे आदि मौजूद रहे।
खराब प्रगति पर एआरएम बदायूं को चेतावनी
समीक्षा के दौरान सबसे खराब प्रगति बदायूं डिपो की मिली। यह भी पाया गया कि प्रवर्तन टीमें ठीक से काम नहीं कर रही हैं। मुख्यालय स्तर की टीमें कई रूटों पर लगातार टिकट चोरी के मामले पकड़ रही हैं। एआरएम और उनके प्रवर्तन दल के स्तर से उदासीनता और लापरवाही भी पाई गई। नोडल अधिकारी ने एआरएम बदायूं धरणेंद्र कुमार चौबे को सुधार लाने और निगम को नुकसान पहुंचाने वाले चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।



