Bareilly News: पुरानी पेंशन के लिए एक बार फिर बुलंद की आवाज
बरेली। विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त संघर्ष संचालन समिति की ओर से सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में मंगलवार को कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन स्कीम के लिए आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि पुरानी पेंशन उनका हक और बुढ़ापे का सहारा है।
संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार गंगवार ने बताया कि अगर सरकार ध्यान नहीं देती है तो जनवरी 2024 में उत्तर प्रदेश के तमाम कर्मचारी और शिक्षक लखनऊ में विधानसभा भवन के बाहर जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे। विकास भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष हरीश गंगवार ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम जीवन यापन के लिए सहारा है। रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के रविंद्र पांडे ने कहा कि पुरानी पेंशन में कोई संशोधन बर्दाश्त नहीं है।
विनीता सक्सेना ने संविदा कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाने की मांग उठाई और निजीकरण बंद करने की वकालत की। गुलमसर फातिमा ने कहा कि वह 2025 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं। नई पेंशन स्कीम में पेंशन बहुत कम है, परिवार कैसे चलेगा। अब्बास अली ने बताया कि वह नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 1,632 रुपये पेंशन मिल रही है। सरकार ही बताए कि इतने में परिवार कैसे चलेगा।
धरना प्रदर्शन में गोविंद कुमार गंगवार, निर्भय सिंह, नेहा सक्सेना, आजाद, रामकुमार उपाध्याय, अक्षय कुमार, नेत्रपाल, सुनील कुमार, कमलेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र नाथ शुक्ला, मोहम्मद इरफान, गौरव मिश्रा, विकास बाबू, विक्की बाबू, मनोज कुमार वाल्मीकि, कपिल गंगवार, भारत पटेल आदि शामिल हुए।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के सदस्यों ने मंगलवार को बीईओ भानुशंकर गंगवार से मांग की है कि विशिष्ट बीटीसी 2004 के अभ्यर्थियों को पुरानी पेंशन की सूची से जोड़ा जाए। कहा कि 2004 विशिष्ट बीटीसी बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन की परिधि में शामिल न किया जाना उनके साथ अन्याय है। शिक्षकों को पुरानी पेंशन से जोड़ने के लिए विधिक कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, सतेंद्र पाल, हेमंत कुमार, देवराज भारती, सुनील कोली, धर्मेंद्र गंगवार, जसवीर समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।



