Rampur News: जानलेवा हमले के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा
रामपुर। जानलेवा हमले के 14 साल पुराने मामले में कोर्ट ने पिता-पुत्र समेत चार को दोषी करार दिया, लेकिन सजा के समय पिता-पुत्र कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने अन्य दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही अनुपस्थित रहे पिता-पुत्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश एसपी को दिए।यह मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र के कूप गांव से जुड़ा हुआ है। गांव निवासी तालेबर सिंह ने कोतवाली में 26 मार्च 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उनका भतीजा मनोज, संजीव और दलजीत घर के बाहर बैठे हुए थे। उनके पड़ोसी बनवारी रिश्ता खत्म करने की नाराजगी के चलते हथियारों से लैस होकर आए और भतीजों पर हमला कर दिया। हमले में छह लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच की, जिसके बाद पुलिस ने बनवारी और उसके बेटे कुशपाल सिंह, बदन सिंह व मुरारी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। चारों जमानत पर बाहर चल रहे थे।
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने वादी मुकदमा समेत 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की अपील की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अपनी सफाई में तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए और दलील दी कि गांव की रंजिश के चलते उन्हें झूठा फंसाया गया है।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान बनवारी और कुशपाल उपस्थित नहीं रहे। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए बनवारी और उसके बेटे कुशपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस मामले में दो अन्य दोषियों बदन सिंह और मुरारी को सात-सात साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।