सोशल ऑडिट : शासन ने लिया भ्रष्टाचार का संज्ञान

प्रकाशित खबर ।
मनरेगा उपायुक्त ने जिले में आकर लिए बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। विकासखंडों में चल रही सोशल ऑडिट प्रक्रिया में वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत हुई थी। इसको लेकर अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। मंडलायुक्त ने संज्ञान लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन के आदेश पर गत दिवस उपायुक्त मनरेगा ने यहां आकर सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर सहित कई लोगों के बयान लिए। बयान के बाद रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गांवों में होने वाले कार्यों का ऑडिट करने के नाम पर जिला कोऑर्डिनेटर द्वारा मनमाने ढंगे से ऑडिट करने और कार्यालय में बैठकर ही जांच करने का आरोप लगाया था।
टकहा गया था कि टीम इसके बदले उगाही कर रही है। पत्र में जिले की 57 ग्राम पंचायतों की सूची को भी दिया गया था। जहां पर बिना गए ही जांच होने की बात कही गई थी। अमर उजाला ने 25 अक्तूबर को खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इसके बाद विभाग में खलबली मच गई ।
मंडलायुक्त ने खबर का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट शासन को भेजकर मुख्यालय से ही जांच कराने की मांग की। मंडलायुक्त के पत्र के बाद उपायुक्त मनरेगा अरुण कुमार सिंह ने यहां आकर ऑडिट से जुडी जानकारी ली। यही नहीं जिला कोऑर्डिनेटर और अन्य लोगों के बयान लिए। बयान में सभी ने आरोपों का खंडन किया। बयान और जांच के बाद उपायुक्त लौट गए । अब पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। शासन से जांच शुरू होने से जिम्मेदारों में खलबली मची हुई है।
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सोशल ऑडिट को लेकर लखनऊ से उपायुक्त मनरेगा ने यहां आकर जांच की थी। लोगों के बयान भी लिए थे। इसके बाद वह लौट गए।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ



