Budaun News: डीएपी के साथ नैनो यूरिया लेने की बाध्यता… कर्ज में डूब रहे अन्नदाता

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद
बदायूं/वजीरगंज। गेहूं की बुआई कर रहे किसानों के सामने इफको केंद्रों ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। किसानों को नैनो यूरिया लेने की शर्त पर ही डीएपी दी जा रही है। कर्ज लेकर डीएपी ले रहे किसानों की इस बाध्यता ने मुश्किल बढ़ा दी है। इससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
नैनो यूरिया न लेने पर डीएपी देने से मना कर दिया जाता है। खास बात यह कि डीएपी के साथ दी जाने वाली नैनो यूरिया की पर्ची भी किसानों को नहीं दी जा रही। अधिकारी इसे किसानों को नैनो यूरिया के प्रति जागरूक करने की कोशिश बताकर पल्ला छाड़ रहे हैं।
जिले में डीएपी को लेकर मारामारी चल रही है। सहकारी समितियों के साथ-साथ इफको सेंटरों के माध्यम से किसानों को मंगलवार को इफको सेंटर शहर, उझानी, बिसौली, कादरचौक, उसावां, दातागंज समेत वजीरगंज और कमां की सहकारी समितियों पर डीएपी का वितरण किया गया, लेकिन शहर समेत वजीरगंज में किसानों को डीएपी के तीन कट्टों के साथ नैनो यूरिया की एक बोतल लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
किसानों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों ने बिना नैनो यूरिया के डीएपी देने से मना कर दिया। फिलहाल जरूरत न होने पर भी मजबूरी में किसानों को नैनो यूरिया की बोतल खरीदनी पड़ रही है। खास बात यह रही कि इस दौरान डीएपी की रसीद तो दी गई, लेकिन नैनो यूरिया का नकद भुगतान लेने के बाद भी रसीद नहीं दी गई। नैनो यूरिया की एक बोतल 225 रुपये की दी जा रही है।
दातागंज, उसावां में डीएपी की मांग में आई कमी
उसावां/ दातागंज। डीएपी की मांग अब पहले जैसी नहीं है। 10 दिन पहले के मुकाबले उसावां और दातागंज इफको केंद्रों पर अब बहुत कम संख्या में किसान डीएपी लेने पहुंच रहे हैं। दातांगज में तो मंगलवार को दोपहर के वक्त केंद्र पर सन्नाटा पसर गया। कोई भी किसान डीएपी लेने वाला वहां नहीं था।
उझानी में डीएपी के लिए अब भी मारामारी
उझानी। कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित इफ्को के केंद्र पर मंगलवार सुबह 10 बजे डीएपी का वितरण शुरू किया गया। आठ-नौ सौ किसानों ने डीएपी के लिए केंद्र खुलने से पहले ही लाइन लगा ली। इसके बाद प्रति किसान डीएपी के दो कट्टे वितरित किए गए। हालांकि कुछेक किसानों को तीन या फिर चार कट्टों की जरूरत थी, लेकिन किसी को भी दो कट्टे से अधिक नहीं दिए गए। जरूरत से कम डीएपी दिए जाने को लेकर किसानों में देवरमई निवासी नेमपाल ने बताया कि प्रति बीघा 10 किलोग्राम डीएपी की आवश्यकता होती है। दो कट्टे 10 बीघा खेत में ही इस्तेमाल हो सकते हैं।
किसान बोले- नैनो यूरिया खरीदने की मजबूरी से और बढ़ रहा कर्ज
– डीएपी के लिए कई दिनों से परेशान थी, अब जाकर डीएपी मिली है। उसके साथ ही जबरन नैनो यूरिया दी जा रही है। उसके बिना डीएपी देने से मना कर दिया। मजबूरी में इसे खरीदना पड़ा। अब इसका आगे उपयोग करेंगे। – श्यामवती, देवामई
वजीरगंज सहकारी समिति पर तीन कट्टा डीएपी के साथ 225 रुपये की एक बोतल नैनो यूरिया दी जा रही है। इसकी रसीद भी नहीं दे रहे हैं। डीएपी खरीदने के लिए ही रकम उधार लेनी पड़ रही है, नैनो यूरिया खरीदने की मजबूरी ने मुसीबत में डाल दिया है। – आलम, हतरा
-समिति पर तैनात अधिकारी, कर्मचारी डीएपी के साथ जबरन नैनो यूरिया दे रहे हैं। कई किसान डीएपी खरीदने के हिसाब से ही रुपये लाए थे। उन्हें डीएपी भी इधर-उधर से उधार पैसे लेकर लेनी पड़ रही है। नैनो यूरिया लेने की मजबूरी ने और कर्ज बढ़ा दिया है। – धर्मवीर, ब्योली
वर्जन
-कोशिश है कि किसान दानेदार यूरिया के स्थान पर तरल यूरिया का प्रयोग करें। इसके लिए डीएपी के साथ नैनो यूरिया दी जा रही है। इससे किसानों का खर्च कम हो जाएगा। कई जगहों पर खेतों में जाकर नैनो यूरिया का स्प्रे करके भी किसानों को प्रयोग करना सिखा रहे हैं। – जितेंद्र कुमार, एरिया मैनेजर, इफको
– सरकार की तरफ से किसानों को नैनो यूरिया के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उनकी निर्भरता कट्टों वाली यूरिया व डीएपी पर कुछ कम हो। इसके लिए ऐसा किया जा रहा है। इसके बारे में किसानों को बताया भी जा रहा है। – डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद

वजीरगंज के सहकारी केंद्र से डीएपी ले जाते किसान। संवाद


