Bareilly News: दो माह तक जीएसटी सर्वे के संकेत, परेशान व्यापारी
बरेली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स की टीम का फिर से सर्वे की सुगबुगाहट शुरू होने से व्यापारी अलर्ट हो गए हैं। उन्होंने इस बार सर्वे के लिए पहुंचने वाली टीम का पुरजोर विरोध करने का मन बनाया है। इसके लिए जिला और तहसील स्तर पर बैठकों का दौर जारी है।
पिछले साल जिले में जीएसटी की टीम ने क्रमवार सर्वे की कार्रवाई कर 142 व्यापारियों से कर चोरी पकड़ी थी। करीब 14.12 करोड़ जीएसटी खजाने में जमा हुए थे। छापा कार्रवाई का उस दौरान भी व्यापारियों ने विरोध किया था। अधिकारियों से मिलकर सर्वे की कार्रवाई स्थगित करने की मांग की थी। बावजूद इसके टीम की कार्रवाई जारी रही। केंद्रीय मंत्री की पहल और नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के चलते कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। अब फिर सर्वे को लेकर शासन स्तर से व्यापार मंडल के प्रांतीय पदाधिकारियों को पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें क्रमवार दो माह तक संदिग्ध व्यापारियों के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर टीम द्वारा सर्वे किए जाने की बात कही गई है। जीएसटी एडिशन कमिश्नर ग्रेड-1 वीडी शुक्ला से बात की गई। जिले से बाहर होने की वजह से कोई जानकारी देने में असमर्थता जताई।
अबकी बार दहशत फैलाई तो होगा पुरजोर विरोध
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि सर्वे का पत्र प्राप्त हुआ है। पिछले साल सर्वे के दौरान मांग थी कि संबंधित व्यापारी को कार्यालय बुलाकर जांच की जाए। अचानक टीम के बाजार पहुंचने पर जनता-व्यापारी परेशान होते हैं। किस व्यापारी की जांच होगी, इसकी पूर्व सूचना व्यापार मंडल को देने को भी कहा था। अबकी बार बगैर सूचना के सर्वे होगा तो विरोध किया जाएगा।
सर्वे के साथ ही बढ़ता जा रहा जीएसटी राजस्व
जीएसटी सर्वे मोबाइल स्क्वॉड की छह इकाई और स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच करती हैं। मोबाइल टीम ने अब तक 4.11 करोड़ का टैक्स वसूला है।जैसे-जैसे सर्वे बढ़ रहा है राजस्व भी बढ़ रहा है। क्रमवार वर्ष 2021-22 में 95 मामले की जांच की गई। 45 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई। वर्ष 2021-22 में 58 मामलों की जांच में 1.32 करोड़, वर्ष 2022-23 में 142 मामलों की जांच में 14.12 करोड़ टैक्स चोरी का खुलासा हुआ।
कब कितनी हुई वसूली
मोबाइल स्क्वॉड
वित्तीय वर्ष वसूली
2020-21 4.11
2021-22 5.06
2022-23 10.05
स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच
वित्तीय वर्ष वसूली
2020-21 0.45
2021-22 1.32
2022-23 14.12
नोट : वसूली करोड़ में।



