Rampur News: प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भाकियू नेता गिरफ्तार
रामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद को गिरफ्तार कर लियाा। पुलिस ने उनको गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने भाकियू नेता को 21 दिसंबर तक के लिए अंतरिम जमानत देते हुए रिहा कर दिया।
भाजपा नेता फसाहत अली खां शानू ने तीन अगस्त 2023 को सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कलक्ट्रेट में जनसभा के दौरान किसान नेता ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि किसान नेता ने दो वर्गों में वैमनस्यता व भारत की एकता व अखंडता को तोड़ने का काम बयान दिया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर 153 ए, 505 (1) बी, 505 (1) सी आईपीसी के तहत मुकदमा कायम किया था। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने फैजुल्लानगर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उनको गिरफ्तार कर आनन-फानन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां पर उनके अधिवक्ता रियासत अली की ओर से जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया। जिस पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है और विवेचना में आरोपी ने पुलिस का सहयोग नहीं किया। लिहाजा जमानत निरस्त की जाए। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी किसानों की आवाज को उठाने वाला किसान नेता है। उसे पुलिस ने झूठा फंसाया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत 21 दिसंबर तक के लिए मंजूर कर रिहा कर दिया गया।
जमानत पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विवेचक से पूछा कि आरोपी को इतने दिनों बाद क्यों गिरफ्तार किया है और उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया, जिस पर विवेचक ने कहा कि आरोपी फरार चल रहा था और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है, जिस पर कोर्ट में आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। आरोपी हर समय किसानों की समस्याओं को उठाता है। संवाद
किसान नेता हसीब अहमद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। पुलिस ने जिले भर में अलर्ट जारी करते हुए सभी थानाध्यक्ष को सतर्क कर दिया। साथ ही थाने से लेकर कचहरी परिसर तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए। इसके बाद भी काफी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंच गए,जहां पुलिस ने किसानों को रोक दिया। किसान डीएम दफ्तर के सामने स्थित पार्क में जाकर बैठ गए और अपने नेता का इंतजार करने लगे शाम को जब उनकी रिहाई हुई इसके बाद ही किसान यहां से हटे। इसके साथ ही पुुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
भाजपाइयों के बीच ट्रोल हुए थे किसान नेता
रामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का वीडियो वायरल होने और फिर इसके बाद मुकदमा भी कायम कराया गया। आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ने के बाद किसान नेता की फोटो और वीडियो भाजपा नेताओं के संग भी वायरल हुई थीं। सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी कुछ लिखा गया था। संवाद
चार घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहे हसीब
रामपुर। किसान नेता हसीब अहमद को पुलिस ने मंगलवार को सुबह 11 बजे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया,जहां वह करीब चार घंटे तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे। इस दौरान उनके समर्थकों की सांसें अटकी रहीं। संवाद


