यूपी में गोवा जैसा ‘Beach’: यहां मिलेगा समुद्र तट का मजा, जंगल सफारी का रोमांच; तरोताजा कर देगी खूबसूरती
पीलीभीत मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर स्थित चूका बीच का मुख्य प्रवेश द्वार है। यहां से सैलानी अपने वाहन को खड़ा कर जंगल सफारी के वाहन से घूमते हैं। दरअसल पर्यटन स्थल पर निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसलिए वन विभाग की ओर से 26 जंगल सफारी वाहनों की व्यवस्था की गई है। एक वाहन से अधिकतम छह लोग भ्रमण पर जा सकते हैं।
वाहन का खर्च 3300 रुपये प्रवेश काउंटर पर जमा करना पड़ता है। इसके बाद सैलानी चूका बीच के अलावा जंगल के पांच अन्य स्थलों को निहारते हैं। जंगल भ्रमण के लिए दिन में दो समय निर्धारित किए गए हैं। इसमें सुबह छह बजे से तीन घंटे का समय होता है। शाम को तीन बजे से छह बजे तक भ्रमण का समय है। जंगल में बाघों की दुनिया भी निराली है। जंगल में चहलकदमी करते बाघ सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
रात को ठहरने की है बेहतर व्यवस्था
चूका बीच आने वाले सैलानियों के लिए ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था है। इसमें चूका बीच में बनी वाटर, ट्री, बैंबो और थारू हट बुक कर सकते हैं। सैलानी ऑनलाइन वेबसाइट uptorism. Com पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं।
पर्यटन सत्र के दौरान रोजाना दो से तीन सौ सैलानी घूमने आते हैं। छुट्टी के दिनों में संख्या और भी बढ़ जाती है।
ऐसे पहुंच सकते हैं चूका बीच
पीलीभीत पहुंचने के बाद सैलानियों को गौहनिया चौराहे पर पहुंचना पड़ेगा। इसके बाद माधोटांडा मार्ग पर 30 किलोमीटर की दूरी तय कर कलीनगर के हरदोई ब्रांच नहर के पुल से सटे नहर मार्ग पर एक किलोमीटर चलकर खटीमा मार्ग पर जाना पड़ेगा। यहां से सात किलोमीटर की दूरी तय कर सैलानी मुस्तफाबाद गेस्ट पहुंचेंगे। जंगल सफारी वाहन को बुक करने के बाद पर्यटन स्थल के भ्रमण के लिए रवाना होंगे।



