भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर मैं बड़ी जानकारी, इस बात पर सहमति बनी
भारत-यूरोपीय संघ एफटीए: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अब इस मामले में एक बड़ी खबर आई है। यूरोपीय देशों के समूह और भारत के बीच एक सहमति बनी है कि सभी मुद्दों पर आम राय मांगते हुए दोनों पक्षों के बीच एफटीए को लेकर बातचीत की प्रक्रिया को तेज किया जाए। मंगलवार को इसकी सूचना वाणिज्य मंत्रालय (वाणिज्य मंत्रालय) ने दी है।
बातचीत में तेजी को लेकर बनी सहमति
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपियन यूनियन ट्रेड के कमिश्नर वाल्दिस डम्ब्रोव्स्की की ब्रसेल्स में मुलाकात हुई। इस जाली के दौरान भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी से लेकर समझौता हुआ। इस मामले में दोनों तरफ से यह सहमति बनी कि इस बातचीत से दोनों जगह की अर्थव्यवस्था और रोजगार को बल देने में मदद मिलेगी। इस बात पर सहमति बनी है कि दोनों पक्षों को अपने फायदे को देखते हुए एफटीए पर बातचीत की गति को बढ़ाना चाहिए। जिससे एक संतुलित और परिणाम निकल सके।
मुक्त व्यापार कृषि क्या है?
मुक्त व्यापार समझौता दो या दो से अधिक देशों के बीच एक व्यापार समझौता होता है जिससे व्यापार संबंध को दूर करके व्यापार संबंध को मजबूत बनाया जाता है। इस समझौते के माध्यम से देश सामान के सामान और अटकाव से संबंधित ब्रोकर दूर होते हैं जिससे दोनों देशों को होने वाले व्यापार को नुकसान पहुंचने में मदद मिलती है। इस समझौते में देश सब्सिडी, कोटा, टैरिफ आदि चीजों पर निर्णय करते हैं। इससे देशों के बीच व्यापार करने में आसानी से दोनों ही देश का लाभ मिलता है।
अटैचमेंट है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए को लेकर बातचीत चल रही है जिसमें अब तेजी से आने को लेकर सहमति बन गई है। ध्यान देने वाली बात ये है कि यूरोपीय संघ में कुल 27 देश शामिल हैं। ऐसे में अगर दोनों हर जगह इसे लेकर बातचीत समझौता समझौता है तो यह भारत के लिए व्यापार दृष्टिकोण से बहुत अच्छी बात होगी।
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