उपलब्धि: गाय-भैंस को अंडाशय में गांठ से निजात दिलाएगी स्वदेशी डिवाइस, IVRI के वैज्ञानिकों ने की विकसित

ओवेरियन सिस्ट एब्लेशन डिवाइस
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गाय-भैंस को अंडाशय में बनने वाली गांठ (सिस्ट ओव्यूलेशन डिजनरेशन) से निजात के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली के वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। संस्थान की ओर से विकसित की गई स्वदेशी डिवाइस बाजार में बिक रही डिवाइस से 600 गुना सस्ती है। इसमें संवेदनशीलता 70 फीसदी से ज्यादा है और कहीं ले जाने के दौरान खराबी की आशंका नहीं है।
पशु पुनरुत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि सीओडी की चपेट में आने वाली गाय और भैंस में प्रजनन प्रक्रिया प्रभावित होती है। सिस्टिक ओवेरियन फॉलिकला (सीओएफ) से एक बार प्रजनन के बाद दोबारा गर्भधारण में कठिनाई होती है। दूध उत्पादन भी प्रभावित होता है। अंडाशय में गांठ बन जाती है।
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हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। सांड़ या बैल जैसे शारीरिक लक्षण प्रकट होने लगते हैं। गाय या भैंस क्रमवार कृत्रिम गर्भाधान के बावजूद गाभिन नहीं होती। लिहाजा, हजारों रुपये खर्च कर खरीदे गए पशु से मुनाफा नहीं होता। अब संस्थान की ओर से विकसित पोर्टेबल डिवाइस से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।



