23 साल बाद जेल से छूटा कुख्यात नज्जू: लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी; बोला- जो किया, उसकी सजा मिली

दस्यु नज्जू को देखने उमड़े लोग
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कटरी किंग कल्लू का दाहिना हाथ माने जाने वाले नज्जू उर्फ रज्जू ने सोमवार को शाहजहांपुर के परौर में थाने के नजदीक ब्रह्मदेव स्थान पर 111 किलो का घंटा चढ़ाकर पूजा अर्चना की। वर्ष 2000 में बरेली कोर्ट में सरेंडर करने वाला नज्जू 23 साल की सजा काटकर रविवार को ही जेल से छूटा है।
कटरी इलाके में अपहरण और फिरौती के लिए कुख्यात नज्जू पर 80 से अधिक मुकदमे हैं। इसमें अधिकतर मामले अपहरण, हत्या व लूट के हैं। कल्लू और नज्जू के गैंग में करीब डेढ़ दर्जन बदमाश शामिल थे। वर्ष 1999 में गश्त के दौरान दरोगा राजेश पाठक की हत्या के बाद पुलिस ने गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू किया तो नज्जू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे 23 साल की सजा सुनाई थी।
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सजा पूरी होने के बाद रविवार को नज्जू जेल से रिहा हुआ। सोमवार को नज्जू कटरा से भाजपा विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस व जिला पंचायत सदस्य रूम सिंह यादव के साथ परौर पहुंचा। वहां पर ब्रह्मदेव स्थान पर 111 किलो का घंटा चढ़ाकर पूजा की। इस दौरान उसे देखने के लिए भीड़ जुट गई। नज्जू का परिवार परौर के मंझा गांव में रहता था। वर्तमान में उसके परिवार में कोई यहां पर नहीं रहता है। वह खुद भी बरेली में रहने लगा है।