अशनीर ग्रोवर ने कहा – देश टैक्स में सजा देने के समान, साल में 5 महीने सरकार के लिए करते हैं काम
इनकम टैक्स पर अशनीर ग्रोवर : अपने बयानों से लगातार खबरों में बने रहने वाले भारतपे (BharatPe) के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (अशनीर ग्रोवर) एक बार अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। देश के मौजूदा स्टॉक शेयर को लेकर अशनीर ग्रोवर का एक बयान सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अशनीर ग्रोवर ने मौजूदा स्टॉक सिस्टम पर बहुत ही तीखे अंदाज में तंज कसा है। उनका मानना है कि देश का मौजूदा टैक्स सिस्टम बेहद जटिल है। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स को कोई लाभ दिए गए सरकार 30 से 40 प्रतिशत कमाई टैक्स के रूप में लेती है। अशनीर ग्रोवर ने कहा कि भारत टैक्स में सजा देना के समान है।
शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज रहे अशनीर ग्रोवर ने कहा कि टैक्सपेयर्स देश में परोपकार का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स को कोई फायदा नहीं होने दिया जा रहा है। अशनीर ग्रोवर ने कहा कि मुझे ये पता कि 10 रुपये मैं बनाता हूं शामिल 4 रुपये सरकार रख लेगी। यानी 12 महीने जो आप काम कर रहे हैं उसमें शामिल से पांच महीने आप सरकार के लिए नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरा सोचिए पूरे जीवन में कितने साल तक आपकी सरकार की गुलामी होगी। लेकिन हम सबने इसे स्वीकार कर लिया है।
अशनीर ग्रोवर ने कहा कि व्यवसाय इस बात को मान चुके हैं इसलिए वे टैक्स नहीं देते हैं। लेकिन सैलरीड लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है। उनकी इनकम पर टीडीएस काट लिया जाता है। इसलिए टैक्स सजा कम नहीं है। इसके अलावा आप 18 सेंट भी दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे आप किसके लिए जी रहे हैं?
इनकम टैक्स पेयर 10-35% टैक्स चुकाने के बाद खर्च पर 18% तक GST भी देते हैं
वे राष्ट्र निर्माण में योगदान करते हैं
लेकिन यह भी कड़वी हकीकत है pic.twitter.com/bQsI9cb1an
– रविसुतांजनी (@Ravisutanjani) 10 जून, 2023
दूसरे वीडियो में अशनीर ग्रोवर ने कहा कि अगर वे राजनेता बन जाएंगे तो इनकम टैक्स रेट में कमी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि सरकार 10 से 15 प्रतिशत टैक्स रेट फिक्स कर दे तो और किसी को टैक्स चोरी ना करने दें तो सरकार को ज्यादा टैक्स से कमाई होगी। पिछले ही महीने अशनिर ग्रोवर ने इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड से 20 फीसदी टीसीएस लाइसेंस के लिए खर्च करने की सरकार की अधिसूचना की भारी आलोचना की थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट मिलती है।
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