ऑडिटर का रेपो रेट, प्राइडनर ने प्रत्यक्ष, गलत अनुमान सहित कई बड़े एलान!
आरबीआई रेपो दर: भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति ने वित्त वर्ष 2024 की दूसरी बैठक के दौरान भी रेपो रेट को बदलने का फैसला नहीं लिया है। रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने एलान करते हुए कहा कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि यह 6.50 प्रतिशत पर बनेगा।
पिछली बार अप्रैल में आरबीआई की एमपीएस की बैठक के दौरान भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि मई 2022 से मार्च तक यानी पिछले वित्त वर्ष के दौरान रेपो रेट में 2.50 की गिरावट आई थी। आइए जानते हैं आरबीआई गर्वनर ने क्या-क्या बड़े एलान किए हैं।
RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने क्या किया बड़ा एलान
- रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और 6.50 फीसदी पर बना दिया है
- स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 6.25 प्रतिशत पर कायम है
- मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट और बैंक रेट में भी बदलाव होता है और 6.75 प्रतिशत पर बना है
- आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सीपीआई हर दिन आरबीआई के 4 प्रतिशत के ऊपर है और 2023-24 के अनुमान के अनुसार इसके ऊपर रहने की उम्मीद है।
श्रेडर ने कहा को संबंधित चिंता
गर्वनर शक्तिकांत दास ने गहरी प्रतिबद्धता को लेकर चिंता भी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मौसम में संबद्ध और अंतर्राष्ट्रीय संबंध और वित्तीय बाजार में अपवाद को देखते हुए व्यवसाय के लिए जोखिम बना है। हालांकि जानकारों का मानना है कि यदि गलतियाँ रहती हैं तो त्रुटियों को नियंत्रित रखने में काफी मदद मिलती है
अधिकार और त्रुटियों के लिए आरबाई रेपो रेट को कम कर सकता है।
चालू वित्त वर्ष के दौरान कैसी रहती हैं
चालू वित्त वर्ष के दौरान RBI ने CPI का सकल दर को 5.1 प्रतिशत पर जीवन स्तर का रिपोर्ट दिया है। कड़वाहट का लेखाजोखा तिमाही पर वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के लिए 4.6 प्रतिशत, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 5.4 प्रतिशत और अंतिम तिमाही के लिए 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
ये भी पढ़ें
RBI MPC June 2023: ‘कम होगी लोन की ईएमआई, जेब में बचेंगे पैसे’, RBI ने किया ये बड़ा ऐलान
(टैग्सअनुवाद करने के लिए)RBI मौद्रिक नीति